Kangana Ranaut- बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। कंगना ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित तौर पर पोस्ट किए जा रहे अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ कोर्ट से राहत मांगी है। जस्टिस विकास महाजन ने कंगना रनौत की ओर से दायर मुकदमे पर प्रतिवादियों को समन जारी किया। कोर्ट ने अभिनेत्री की ओर से दायर अंतरिम रोक की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया है।
AI से बनाए गए कंटेंट का भी जिक्र
कंगना रनौत की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि अभिनेत्री सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ पोस्ट किए जा रहे पोर्नोग्राफिक और अश्लील कंटेंट से परेशान हैं। वकील ने कंगना से जुड़े AI जनरेटेड कंटेंट का भी हवाला दिया। वकील ने कहा कि फैक्ट चेक से यह सामने आया है कि आपत्तिजनक कंटेंट AI से तैयार किया गया है। फैक्ट चेक में यह भी कहा गया है कि संबंधित तस्वीर का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है और यह कोई वास्तविक तस्वीर नहीं है।
कोर्ट ने अभिनेत्री के वकील से उन प्रतिवादियों के नाम बताने को कहा, जिनके खिलाफ कंटेंट हटाने का आदेश मांगा गया है। अंतरिम रोक की अर्जी पर अब कोर्ट आदेश पारित कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2027 में होगी।
कई सेलिब्रिटीज करा चुके हैं अपने पर्सनैलिटी राइट्स को सुरक्षित
दिल्ली हाईकोर्ट पहले भी कई फिल्मी हस्तियों, खिलाड़ियों, पत्रकारों और सार्वजनिक हस्तियों के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़े आदेश पारित कर चुका है। इनमें अभिनेत्री तब्बू, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर और आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण शामिल हैं। कोर्ट ने उद्यमी अमन गुप्ता, तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन, मलयालम अभिनेता मोहनलाल, आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता अनिरुद्धाचार्य, गायक जुबिन नौटियाल, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और अभिनेत्री काजोल देवगन, अभिनेता आर. माधवन और जूनियर एनटीआर के पर्सनैलिटी राइट्स की भी सुरक्षा की है।
अभिनेता सलमान खान ने भी इसी तरह का मुकदमा दायर किया है। अलग-अलग पीठों ने 'द आर्ट ऑफ लिविंग' फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर, तेलुगु अभिनेता नागार्जुन, बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिनेता अभिषेक बच्चन और फिल्म निर्माता करण जौहर के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर भी आदेश पारित किए हैं।
सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी के मामले में भी आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने टीवी एंकर सुधीर चौधरी के पर्सनैलिटी राइट्स की भी सुरक्षा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित तौर पर भ्रामक और AI से तैयार किए गए वीडियो प्रसारित किए जाने को लेकर राहत मांगी थी। इसके अलावा कोर्ट ने पॉडकास्टर राज शमानी के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए 'जॉन डो' आदेश भी पारित किया था। कोर्ट ने कहा था कि राज शमानी भारत में, खासकर कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में, एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।
पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा क्या होती है?
पर्सनैलिटी राइट्स यानी किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, तस्वीर, आवाज, सिग्नेचर, छवि और उससे जुड़ी दूसरी पहचान योग्य चीजों पर उसका अधिकार। खासकर अभिनेता, खिलाड़ी, नेता, पत्रकार या अन्य सार्वजनिक हस्तियों के मामले में यह अधिकार महत्वपूर्ण हो जाता है। मसलन, कोई व्यक्ति किसी सेलिब्रिटी की तस्वीर, आवाज या नाम का इस्तेमाल करके फर्जी विज्ञापन, अश्लील कंटेंट, AI से बनाया गया वीडियो या भ्रामक सामग्री तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करता है, तो संबंधित व्यक्ति अदालत से अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा मांग सकता है।
