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तमिलनाडु में बकरीद पर नहीं होगी गोवंश की कुर्बानी, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Bakrid 2026: बकरीद से ठीक पहले मद्रास हाई कोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि बकरीद पर गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

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तमिलनाडु में नहीं होगी गोवंश की कुर्बानी (फाइल फोटो)

Bakrid 2026: बकरीद से ठीक पहले मद्रास हाई कोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि बकरीद पर गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। अदालत ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया कि बकरीद या किसी भी अन्य दिन राज्य में गाय और बछड़ों के वध पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए।

'सार्वजनिक स्थानों पर पशु वध की अनुमति नहीं'

जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन और जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को आदेश दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि अदालत के आदेश का सख्ती से पालन हो सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पशु का वध केवल निर्धारित बूचड़खानों में ही किया जा सकता है। सार्वजनिक स्थानों या अन्य जगहों पर पशु वध की अनुमति नहीं दी जाएगी।

याचिकाकर्ता ने बकरीद के दौरान गाय की कुर्बानी पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत ने कोयंबटूर निवासी के. सूर्या उर्फ के. सूर्या प्रशांत द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अदालत ने आदेश दिया, ''हम इस रिट याचिका को स्वीकार करते हुए राज्य को निर्देश देते हैं कि बकरीद की पूर्व संध्या पर या किसी अन्य दिन किसी भी गाय या बछड़े का वध नहीं होना चाहिए।''

अदालत ने कोयंबटूर के डी2 सेल्वापुरम पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक द्वारा दायर हलफनामे की आलोचना की। हलफनामे में कहा गया था कि गोहत्या के लिए कुछ अस्थायी जगहें निर्धारित की गई थीं। इस पर सवाल उठाते हुए अदालत ने पूछा कि अस्थायी शेडों पर वैध वध स्थल कैसे माना जा सकता है। अदालय ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस यह तय नहीं कर सकती है कि किस जगह को वध क्षेत्र माना जाए।

सनद रहे कि याचिकाकर्ता ने पहले बकरीद के दौरान गोहत्या को रोकने के लिए अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा था। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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