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भारत-फ्रांस की दोस्ती-साझेदारी को मैक्रों ने एक शब्द में किया बयां, लिखा-'जय हो', दोनों देशों के रिश्तों की तारीफ की

मैक्रों ने भारत-फ्रांस की बढ़ती राजनीतिक साझेदारी की भी खूब प्रशंसा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि दोनों देशों ने 'जमीन, समुद्र और आसमान' में एक-दूसरे को अपना साथी चुना है। मंगलवार को भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में अहम समझौता हुआ। भारत और फ्रांस ने हैमर मिसाइलों के उत्पादन और 10 वर्षों के सहयोग समझौते वाले सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

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भारत दौरे पर आए हैं फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों। तस्वीर-@EmmanuelMacron·6h

Macron lauds India friendship: भारत की तीन दिनों की यात्रा पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों देशों की दोस्ती को एक शब्द से परिभाषित किया है। X पर अपने एक पोस्ट में मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर शेयर करते हुए 'जय हो' लिखा है। यही नहीं, मैक्रों ने भारत-फ्रांस की बढ़ती राजनीतिक साझेदारी की भी खूब प्रशंसा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि दोनों देशों ने 'जमीन, समुद्र और आसमान' में एक-दूसरे को अपना साथी चुना है। मंगलवार को भारत और फ्रांस के बीच रक्षा क्षेत्र में अहम समझौता हुआ। भारत और फ्रांस ने हैमर मिसाइलों के उत्पादन और 10 वर्षों के सहयोग समझौते वाले सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

भारत-फ्रांस रणनीतिक सहयोग की प्रशंसा की

इंडिया फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित करते हुए मैक्रों ने फ्रांस को 'मेक इन इंडिया पहल' में एक साझेदार बताया। उन्होंने कहा, 'रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहल में फ्रांस एक मजबूत साझेदार है। हमारा उच्च स्तर का सहयोग अगली पीढ़ी का इंजन, मल्टी रोल हेलिकॉप्टर, लड़ाकू विमान, पनडुब्बियां बनाएगा। आपने फ्रांस में जो भरोसा दिखाया है, उसके लिए हम आपके आभारी हैं और यह केवल एक रक्षा सौदा नहीं है बल्कि रक्षा करारों की एक श्रृंखला है।'

'हमने जमीन, समुद्र, आसमान में एक दूसरे को चुना'

मैक्रों ने आगे कहा, 'हम लोग पूछते हैं कि एक संप्रभु गठबंधन क्या चीज है? तो दो महान देशों ने जमीन, समुद्र और आसमान में एक दूसरे को चुना है यह एक मात्र घटना नहीं है बल्कि एक भरोसा है। अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारा सहयोग काफी अहम है। TRISHNA उपग्रह का विकास यह दिखाता है कि दोनों देशों की वैज्ञानिक क्षमता एवं औद्योगिक विशेषज्ञता यदि एक साथ आ जाए तो हम क्या हासिल कर सकते हैं।'

'भारत-फ्रांस नवोन्मेष वर्ष’ 2026 का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ने मंगलवार को 'भारत-फ्रांस नवोन्मेष वर्ष’ 2026 का उद्घाटन किया।दशकों पुराने संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने की घोषणा के कुछ घंटों बाद, दोनों नेताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में दिखाए गए एक वीडियो के अनुसार, 'भारत-फ्रांस नवोन्मेष वर्ष 2026 रणनीतिक तालमेल और साझा समृद्धि को और मजबूत करेगा।’दोनों देशों के विभिन्न शहरों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार पर केंद्रित विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्टार्टअप, शिक्षाविदों और रचनाकारों को एक साथ लाया जाएगा।

कार्यक्रम में डोभाल भी रहे मौजूद

कार्यक्रम के बाद पीएमओ इंडिया के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के अनुसार, यह वर्ष औद्योगिक सहयोग और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देगा। वीडियो के अनुसार, दोनों देशों ने सरकार समर्थित और उद्योग जगत द्वारा संचालित एक डिजिटल मंच ’भारत-फ्रांस नवोन्मेष नेटवर्क’ की भी घोषणा की, जिसे नवप्रवर्तकों ने नवप्रवर्तकों के लिए बनाया है। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, टाटा केमिकल्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर मुकुंदन, महाराष्ट्र के उद्योग सचिव पी अनाबलगन उपस्थित थे।

राष्ट्रपति मैक्रों प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वह भारत द्वारा आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और मुंबई में मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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