Om Birla News: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को लोकसभा ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए नोटिस पर विचार करेगी। संसद के वर्तमान बजट सत्र का दूसरा चरण आज आरंभ हो रहा है और इसके पहले दिन की कार्यवाही में ही इस विषय को सूचीबद्ध किया गया है।
'तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता ....'
पीठासीन सभापति द्वारा बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को नोटिस के समर्थन में खड़ा होना होगा और फिर प्रस्ताव सदन के विचार के लिए स्वीकृत माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा। यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार के समय सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। सदन में संख्या बल सरकार के पक्ष में काफी अधिक है, जिससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रस्ताव पराजित हो जाएगा।
बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के तीन सदस्य मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि सदन की अनुमति मांगेगे। कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन मिलने के बाद वे यह प्रस्ताव सदन में चर्चा और मतदान के लिए रखेंगे।
संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में उपस्थित रह सकते हैं। वह प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा होगी तब वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। बिरला संभवतः सत्तापक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं, हालांकि नियम इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं।
विपक्ष का क्या है आरोप?
शिवसेना (UBT) नेता अरविंद सावंत ने कहा है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला संविधान से ऊपर नहीं उठ सकते। उनके खिलाफ विपक्ष के नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने के कदम पर चर्चा करते हुए, सावंत ने कहा कि नो-कॉन्फिडेंस मोशन स्पीकर द्वारा कथित तौर पर पावर के गलत इस्तेमाल के खिलाफ है।
सावंत ने ANI को बताया, '... पर्सनली, ओम बिरला का सम्मान किया जा सकता है, और उनकी शक्तियों को समझा जा सकता है, लेकिन वह संविधान से ऊपर नहीं उठ सकते। यह मोशन पावर के ऐसे गलत इस्तेमाल के खिलाफ है...'
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के MP ईटी मोहम्मद बशीर ने रविवार को ऐलान किया कि वह बजट सेशन के दौरान स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का सपोर्ट करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पिछले सेशन में विपक्षी पार्टियों के साथ नाइंसाफी हुई थी।
ANI से बात करते हुए बशीर ने कहा, 'हम बजट सेशन का दूसरा हिस्सा शुरू कर रहे हैं। पहला एजेंडा आइटम स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन है। हम इसे बहुत सीरियसली लेंगे। हमने इस पर बात की है। पिछले सेशन में विपक्षी पार्टियों के साथ नाइंसाफी हुई है। हम इन सभी बातों को हाउस में नोटिस में लाएंगे।'
