Lok Sabha Polls 2024: मोदी विरोधी मोर्चा बनाने की दिशा में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विपक्ष जुटाने की मुहिम में जुट गए हैं। गुरुवार (25 मई, 2023) को वह अपनी पार्टी के टॉप नेताओं के साथ एनसीपी चीफ शरद पवार से मिलने महाराष्ट्र पहुंच गए। केजरीवाल की टोली में इस दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान, आप के सांसद राघव चड्ढा, दिल्ली की मंत्री आतिशी और कुछ और लोग शामिल थे, जिनकी यशवंत राव चह्वाण सेंटर के भीतर बंद कमरे में काफी देर तक पवार से बातचीत हुई। हालांकि, अंदर कमरे में इन लोगों के बीच क्या कुछ बात हुई?...इस बारे में अधिक डिटेल्स को फिलहाल सामने नहीं आए, मगर आम चुनाव (लोकसभा चुनाव 2024) से पहले जिस कदर विपक्ष के टॉप नेता रफ्तार से मीटिंग्स और मंथन कर रहे हैं, उससे समझा जा सकता है कि वे चुनाव के पहले मोदी और बीजेपी के खिलाफ एकजुटता बनाने की जुगत में है।
मीटिंग के बाद केजरीवाल ने पवार के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- एनसीपी ने हमें आश्वासन दिया है कि वह हमारा समर्थन (केंद्र के अध्यादेश के सिलसिले में) करेंगे। हम सभी गैर-बीजेपी दलों की ओर से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। आगे केजरीवाल ने कहा, "अगर संसद के उच्च सदन राज्य सभा में इस बिल को हरा दिया गया, तब यह 2024 के आम चुनाव का सेमिफाइनल होगा।" सुनें:
केजरीवाल दो दिन के मुंबई दौरे हैं। आप के टॉप नेता ने इससे एक रोज पहले बुधवार (24 मई, 2023) को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से ब्रांद्रा में उनके घर पर भेंट की थी। मुलाकात के दौरान उन्होंने दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर भाजपा शासित केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आप की लड़ाई के लिए उनका समर्थन मांगा था।

kejriwal-pawar meet in mumbai
केजरीवाल-मान ने इससे पहले दिल्ली में सेवाओं के नियंत्रण पर केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ समर्थन जुटाने के लिए देशव्यापी दौरे के तहत कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात की थी।
दरअसल, केंद्र ने पिछले शुक्रवार को दिल्ली में ‘ग्रुप-ए’ अधिकारियों के ट्रांसफर (स्थानांतरण) और तैनाती के लिए एक प्राधिकरण बनाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया। आप सरकार ने इस कदम को सेवाओं के नियंत्रण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के साथ धोखा बताया था।
वैसे, विपक्ष को एक करने से जुड़ी नजीर बिहार के मुख्यमंत्री और जेडी(यू) के सीनियर नेता नीतीश कुमार के पिछले एक महीने में ताबड़तोड़ दौरों और भेटों के जरिए देखने को मिली थी, जब वह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर केजरीवाल से मिले थे।
