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भारी हंगामे के बाद 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026’ लोकसभा से पारित; कल तक के लिए कार्यवाही भी स्थगित

भारी हंगामे के बाद लोकसभा में परीक्षा में धांधली रोकने के लिए लाया गया संशोधन विधेयक 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर पारित हो गया है।

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एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित (फोटो- pti)

भारी हंगामे के बीच लोकसभा ने ध्वनिमत से बुधवार को ’लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी। विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी थी। वहीं, हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

बिल में क्या प्रावधान?

लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। इसी तरह संगठित अपराधों के लिए कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

राहुल के बयान पर विवाद के कारण दो बार स्थगित हुई लोकसभा

विधेयक के पारित होने से पहले सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। इस कारण सदन की कार्यवाही पहले एक बार करीब 40 मिनट के लिए अपराह्न ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद जब तीन बजे सदन की बैठक शुरू हुई तब भी कांग्रेस के सांसद ’एलओपी को बोलने’ दो के नारे लगाते हुए हंगामा करने लगे।

ध्वनिमत से पारित हुआ विधेयक

फिर हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई। उन्होंने कहा कि कल इस मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया गया है और आज से सुनवाई शुरू हो गई है। सिंह ने कहा कि नए संशोधन विधेयक के प्रभाव में आने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के साथ इस मामले में पांच महीने में फैसला आ जाएगा।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधान के साथ मूल कानून 2024 में लागू किया गया था और आज प्रश्नपत्र लीक संबंधी खामियां सामने आने के बाद सरकार ने माना कि कानून को और कड़ा बनाने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने चर्चा के दौरान कहा कि दिल्ली में ’’मासूम बच्चों पर जुल्मोसितम ढाया गया’’, जबकि सरकार ने सर्वोच्च संयम के साथ कार्रवाई की और सुनिश्चित किया कि कोई हताहत नहीं हो। उन्होंने कहा, ’’शायद वह (गोगोई) अपने अनुभव से बोल रहे थे। क्योंकि असम में 1979 से 1984 तक छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई में 860 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर छात्र थे। उस समय असम में कांग्रेस की सरकार थी।’’

पता नहीं प्रियंका गांधी कहां से ले आईं आंकड़ा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने देश में पिछले कुछ साल में 152 बार प्रश्नपत्र लीक होने और इनमें 750 करोड़ बच्चों के प्रभावित होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पता नहीं प्रियंका गांधी यह आंकड़ा कहां से लाईं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने 2024 का कानून लागू होने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही, जबकि ऐसे मामलों में 52 प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रतिबद्धता के अनुरूप यही सरकार 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई जो कांग्रेस का अधूरा काम था।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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