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दुबई में 3 दिन कमरे में बंद था, लोगों को निकालने के लिए और विमान भेजे सरकार, स्वदेश लौटे छात्र ने बताया खाड़ी देश का हाल

दुबई से दिल्ली पहुंचे एक यात्री ने कहा कि उन्होंने दुबई में धमाके की आवाजें सुनीं। एक अन्य यात्री ने कहा कि वह तीन दिनों तक कमरे में पूरी तरह से बंद रहे। वहां अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय हैं। सरकार को उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए और विमान भेजने चाहिए।

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खाड़ी देशों से स्वदेश लौटे भारतीय छात्र।

Photo : ANI

Iran War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद खाड़ी के देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सरकार वहां से निकाल रही है। सऊदी अरब सहित कई देशों से भारतीय छात्र एवं नागरिक स्वदेश लौटे हैं। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने वहां के हालात के बारे में बताया है। दुबई से दिल्ली पहुंचे एक यात्री ने कहा कि उन्होंने दुबई में धमाके की आवाजें सुनीं। एक अन्य यात्री ने कहा कि वह तीन दिनों तक कमरे में पूरी तरह से बंद रहे। वहां अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय हैं। सरकार को उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए और विमान भेजने चाहिए।

'1-2 दिनों से ऐसी कोई आवाज नहीं आई'

आईजीआई एयरपोर्ट पर दुबई से पहुंचे एक यात्री ने कहा, “मैं 28 फरवरी को दुबई गया था और उसी दिन से सब कुछ शुरू हो गया। हम पिछले 2-3 दिनों से फ्लाइट पाने की कोशिश कर रहे थे... पिछले 1-2 दिनों से ऐसी कोई आवाज नहीं आई है, लेकिन उससे पहले कई धमाके हुए थे...”

दो-तीन दिनों तक सभी प्रमुख चीजें पूरी तरह बंद रहीं-यात्री

अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष के बीच दुबई से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे एक अन्य यात्री ने कहा, “मैं 25 फरवरी से दुबई में फंसा हुआ था... हमें तीन दिनों तक पूरी तरह अपने कमरों में ही रहना पड़ा... दो-तीन दिनों तक सभी प्रमुख चीजें पूरी तरह बंद रहीं... मेरी भारत सरकार से बस एक ही अपील है कि वहां अधिकतम फ्लाइट्स भेजी जाएं ताकि लोग सुरक्षित बाहर निकल सकें...”

भारतीय छात्रों को तेहरान से बाहर पहुंचाया

भारत ने मंगलवार को कहा कि ईरान में उसके दूतावास ने नाजुक सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर भारतीय छात्रों को तेहरान से बाहर पहुंचा दिया है। भारत ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हो गया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर ताजा हमले किए हैं, जबकि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों पर बमबारी जारी रखी है। भारतीय दूतावास ने कहा, 'तेहरान शहर में बढ़ते खतरे को देखते हुए, भारतीय दूतावास ने तेहरान में मौजूद ज्यादातर भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।’ छात्रों को तेहरान से बाहर ले जाया गया है।

भारतीयों से हर समय सावधानी बरतने की अपील

दूतावास ने कहा कि उसने छात्रों को ले जाने, भोजन और आवास की व्यवस्था की। उसने कहा, 'केवल कुछ ही छात्र तेहरान में रह गए हैं जिन्होंने दूतावास के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।’दूतावास ने कहा, 'ईरान में मौजूद अन्य भारतीय छात्रों और भारतीय नागरिकों के लिए पूर्व में जारी किया गया परामर्श अपरिवर्तित है: जहां हैं वहीं रहें, यथासंभव घर के अंदर रहें और खिड़कियों से दूर रहें।’ एक ताजा परामर्श में, दूतावास ने भारतीयों से हर समय सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और दूतावास के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहने का भी आग्रह किया।

माना जा रहा है कि ईरान में छात्रों समेत करीब 9,000 भारतीय फंसे हुए हैं। ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों की सटीक संख्या की फिलहाल जानकारी नहीं है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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