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Kolkata Doctor Rape-Murder Case: क्या मृत डॉक्टर की कॉल रिकॉर्ड से होगा कोई बड़ा खुलासा? पिता ने CBI से की ये अपील

Kolkata Doctor Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से हुए बलात्कार और हत्या मामले से जुड़ा लगातार नया अपडेट सामने आ रहा है। इस बीच पीड़िता के पिता ने सीबीआई से बेटी के कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित करने की अपील की है। तो क्या कॉल रिकॉर्ड के जरिए इस मामले में कोई बड़ा खुलासा होने वाला है?

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पीड़िता के पिता ने सीबीआई से की बड़ी मांग।

Photo : BCCL

Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित सरकारी आर.जी.कर अस्पताल में कथित दुष्कर्म के बाद हत्या की शिकार हुई महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के पिता ने मामले की जांच कर रही सीबीआई से बेटी के कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित करने की अपील की है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक पिता ने एजेंसी को बताया है कि हत्या से महज कुछ घंटे पहले उसने फोन पर अपनी बेटी से बात की थी।

कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित करने का किया अनुरोध

पिता ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को लिखे पत्र में अधिकारियों से अस्पताल में लगे सीसीटीवी की तस्वीरों, खासतौर पर जिस मंजिल पर सेमिनार हॉल है, को भी सुरक्षित रखने की अपील की। महिला प्रशिक्षु चिकित्सक का शव नौ अगस्त की सुबह सेमिनार हॉल में मिला था। सीबीआई सूत्र ने बताया, 'मृतका के पिता ने हमें पत्र लिखा है और हमसे कॉल रिकॉर्ड को सुरक्षित करने का अनुरोध किया है।'

ड्यूटी चार्ट भी बरामद करने का किया अनुरोध

केंद्रीय एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि पत्र के साथ अस्पताल में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या की जांच को लेकर यथास्थिति रिपोर्ट 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट से साझा की गई। मृतका के पिता ने दो पन्ने के पत्र में बेटी की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए की जा रही जांच में अपनी ‘लाचारी और चिंता’ व्यक्त की। उसने सीबीआई अधिकारियों से ड्यूटी चार्ट भी बरामद करने का अनुरोध किया ताकि पता लगाया जा सके कि आठ अगस्त की रात उनकी बेटी के साथ और कौन-कौन तैनात था।

अन्य प्रशिक्षु और चिकित्सक हो सकते हैं संलिप्त

मृतका के माता-पिता ने सीबीआई के समक्ष आशंका जताई है कि अपराध में कई अन्य प्रशिक्षु और चिकित्सक संलिप्त हो सकते हैं। प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव नौ अगस्त को मिला था और उसपर चोट के निशान थे। इस मामले में कोलकाता पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 13 अगस्त को मामले की जांच कोलकाता पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। केंद्रीय एजेंसी ने आदेश के एक दिन बाद मामले की जांच अपने हाथ में ली।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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