Kolkata Doctor Rape Murder Case: पश्चिम बंगाल के सरकारी अस्पतालों के प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। डॉक्टरों ने गुरुवार को कहा कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आरजीकेएमसीएच) में परास्नातक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के विरोध में वह अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों में से एक ने से कहा, चूंकि अभी तक न्याय नहीं मिला है ऐसे में हमने अपनी हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी बहन को न्याय दिलाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि वे शुक्रवार को शीर्ष अदालत के निर्देशों की समीक्षा करेंगे और उसके अनुसार निर्णय लेंगे।
लगातार 14 वें दिन डॉक्टरों की हड़ताल
घटना के विरोध में गुरुवार को भी लगातार 14 वें दिन डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार किया। राज्य सरकार द्वारा आरजीकेएमसीएच के तीन अधिकारियों का तबादला करने और अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष की कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (सीएनएमसी) में नियुक्ति रद्द कर दिए जाने के बावजूद आंदोलनकारी चिकित्सकों ने अपना आंदोलन जारी रखा। शीर्ष अदालत ने देशभर में आंदोलन कर रहे डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की।महाराष्ट्र के डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त की
महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टर ने राज्य सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिए जाने के बाद गुरुवार को अपनी हड़ताल वापस ले ली। कोलकाता में डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या की घटना के विरोध में 10 दिन पहले चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रेजिडेंट डॉक्टर को आश्वासन दिया कि कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यहां बताया गया कि आश्वासन के बाद, महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। हड़ताल के दौरान, डॉक्टरों ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए काम नहीं किया।राजस्थान : रेजिडेंट डॉक्टरों ने 11 दिवसीय हड़ताल समाप्त की
कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के खिलाफ देश भर में जारी आंदोलन के समर्थन में हड़ताल कर रहे राजस्थान के रेजिडेंट डॉक्टरों ने 11 दिन से चल रही अपनी हड़ताल को समाप्त करने का फैसला किया है। जयपुर एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (जार्ड) के अध्यक्ष डॉ. मनोहर सियोल ने कहा कि बृहस्पतिवार रात एक बैठक में उच्चतम न्यायालय के एवं राज्य सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस लेने का फैसला किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने को कहा था और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके वापस काम पर लौटने के बाद उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।
चंडीगढ में PGIMER विरोध प्रदर्शन खत्म
कोलकाता में डॉक्टर की हत्या की घटना के विरोध में 11 दिन से जारी स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (PGIMER) के चिकित्सकों का प्रदर्शन गुरुवार को खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदर्शनकारी चिकित्सकों से काम पर लौटने की अपील करने और केंद्र को उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देने के बाद चिकित्सकों ने हड़ताल वापस ले ली। एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) द्वारा हड़ताल को वापस लिए जाने के आह्वान के बाद, PGIMER
के अधिकारियों ने कहा कि वे तत्काल प्रभाव से सभी वैकल्पिक सेवाएं फिर से शुरू करेंगे। पीजीआईएमईआर के एक बयान में कहा गया कि 23 अगस्त से सभी बाह्य रोगी विभाग (OPD) में पुराने और नए रोगियों का पंजीकरण सुबह आठ बजे से 11 बजे तक किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता पुलिस को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सख्त लहजे में कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से बलात्कार और उसकी हत्या के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज करने में कोलकाता पुलिस की देरी बेहद व्यथित करने वाली है। अदालत ने साथ ही बंगाल के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के अवरुद्ध होने के 14वें दिन प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह किया। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों को देशभर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देते हुए, कोलकाता की घटना में प्राथमिकी दर्ज करने में 14 घंटे की देरी और इसके पीछे के कारणों पर सवाल उठाए।
ममता का पीएम मोदी को पत्र
डॉक्टर की मौत के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने चिकित्सकों की सुरक्षा, प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और पश्चिम बंगाल सरकार की जिम्मेदारियों से संबंधित कई निर्देश जारी किए। पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। पीठ ने पूछा, आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के संपर्क में कौन था? उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराने में देरी क्यों की? इसका क्या मकसद था? इस बीच, मामले की जांच कर रहे सीबीआई ने गुरुवार को पूर्व प्राचार्य संदीप घोष और चार अन्य डॉक्टरों की पॉलीग्राफ जांच कराने की अनुमति मांगी। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर बलात्कार के दोषियों के लिए कठोर सजा के साथ सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग की। (PTI-Bhasha Input)
