Kolkata Case: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पुलिस द्वारा तीन लोगों को कथित तौर पर अर्धनग्न हालत में सड़क पर घुमाने के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है।
एनएचआरसी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घटना से एक दिन पहले 18 वर्षीय युवक और उसके 19 वर्षीय दोस्त को एक नाबालिग लड़की के साथ देखे जाने के बाद लड़की के परिवार के सदस्यों ने उसको घर पर पीटा और अपमानित किया था। लड़की के परिवार ने युवक के पिता को भी घर बुलाया था, जहां उनके साथ भी मारपीट की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद तीनों लोगों के कपड़े उतरवा दिए गए और कथित तौर पर बंदूक की नोक पर उन्हें सड़क पर नग्न अवस्था में चलने के लिए मजबूर किया गया।
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क्राइम सीन रीक्रिएशन के नाम पर घुमाने का आरोप
28 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बाद में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को उसी इलाके में ले जाकर 100 मीटर से अधिक दूरी तक बिना शर्ट और जूते-चप्पल के चलवाया। इन तीन लोगों में लड़की के पिता, उसके मामा और मामा का एक दोस्त शामिल बताए गए हैं। कथित तौर पर यह कार्रवाई अपराध स्थल का पुनर्निर्माण करने के नाम पर की गई थी। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों पर गंभीर चिंता जताते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
