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Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में आतंकी विरोधी अभियान जारी, मुठभेड़ में घायल पैराट्रूपर शहीद

किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों की तलाश में चल रहा अभियान दूसरे दिन भी जारी है। मुठभेड़ में घायल पैराट्रूपर हवलदार गजेंद्र सिंह इलाज के दौरान शहीद हो गए। सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल ड्रोन व खोजी कुत्तों की मदद से इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं, जहां जैश-ए-मोहम्मद के 2–3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है।

Kishtwar Encounter

किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शुरू किया गय।(फोटो सोर्स: istock)

Photo : iStock

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए शुरू किया गया व्यापक तलाश अभियान सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच, आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल एक पैराट्रूपर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

गोलीबारी में आठ सुरक्षाकर्मी हुए थे घायल

अधिकारियों के अनुसार, छात्रू क्षेत्र के मन्द्राल–सिंहपुरा के पास स्थित सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था। इसी दौरान वहां छिपे आतंकवादियों की गोलीबारी में आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। घने जंगल, ढलानदार और दुर्गम भूभाग के कारण दृश्यता और आवाजाही सीमित होने से रविवार देर रात अभियान को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।

हवलदार गजेंद्र सिंह ने दिया सर्वोच्च बलिदान

घायल सैनिकों में शामिल हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18 और 19 जनवरी की दरम्यानी रात को जम्मू स्थित एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। सेना ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और सभी रैंक के जवानों ने विशेष बलों के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के दौरान सिंहपोरा क्षेत्र में आतंकवाद रोधी अभियान को बहादुरी से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

सेना ने कहा कि वह शहीद के अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को नमन करती है और इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

JeM के कुछ आतंकियों के छिपे होने की आशंका

अधिकारियों ने बताया कि सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। साथ ही, पूरे क्षेत्र की कड़ी घेराबंदी की गई है ताकि आतंकवादी भाग न सकें। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो से तीन आतंकवादी इलाके में छिपे हो सकते हैं। सोमवार सुबह होते ही अभियान फिर से तेज कर दिया गया, जो फिलहाल जारी है।

जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर ने रविवार को ‘एक्स’ पर बताया था कि ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त आतंकवाद रोधी अभियान के दौरान छात्रू के उत्तर-पूर्व में स्थित सोनार क्षेत्र में आतंकवादियों से संपर्क हुआ। सेना ने कहा कि घेराबंदी को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और असैन्य प्रशासन व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में अभियान चलाया जा रहा है।

सेना ने चुनौतीपूर्ण हालात और कठिन भूभाग में दुश्मन की गोलीबारी का प्रभावी जवाब देने में जवानों की असाधारण दक्षता और दृढ़ संकल्प की सराहना की। यह इस साल जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी मुठभेड़ है। इससे पहले 7 और 13 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर क्षेत्र के कहोग और नजोते के जंगलों में भी मुठभेड़ हुई थी।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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