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Farmers Protest: दिल्ली में धारा 144 लागू, 'Delhi चलो' मार्च के लिए पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम; चप्पे-चप्पे पर तैनात जवान

Farmers Protest: किसान आंदोलन के चलते दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी को किले में तब्दील कर दिया है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर मल्टी लेयर बैरिकेडिंग और हजारों जवान तैनात किए गये हैं। उत्तर पूर्व जिले के डीसीपी अंकित सिंह ने कहा कि राजधानी में धारा 144 भी लागू कर दी गई है।

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दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ा दी गई सुरक्षा

Photo : ANI

Farmers Protest: किसान नेताओं और केंद्र के बीच बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद मंगलवार को किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च (Kisan Andolan) को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर बहुस्तरीय अवरोधक, कंक्रीट के अवरोधक, लोहे की कीलों और कंटेनर की दीवारें लगाकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी की तीन सीमाओं - सिंघू, टिकरी और गाजीपुर पर दंगा-रोधी वर्दी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि मार्च के मद्देनजर कुछ स्थानों पर अस्थायी जेल स्थापित की गई हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की है कि किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के वास्ते कानून बनाने सहित अपनी मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मंगलवार को दिल्ली कूच करेंगे।

Farmers Protest

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जानकारी के अनुसार, मंगलवार को किसानों के 'दिल्ली चलो' विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए, दिल्ली पुलिस ने पहले ही धारा 144 लागू कर दी है, जिससे ट्रैक्टर ट्रॉलियों और बड़ी सभाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली की गाज़ीपुर सीमा, शंभू सीमा और टिकरी सीमा के जरिए दिल्ली में किसानें के प्रवेश को रोकने के लिए सड़कों पर बैरिकेड और कांटेदार तार लगाए गए हैं। इसी तरह की व्यवस्था सिंघू बॉर्डर पर भी देखी गई है, जहां सड़क पर बैरिकेड्स की कतारें लगी हुई हैं। प्रदर्शनकारी किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए इन सीमाओं पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। इस बीच, पटियाला शहर के एसपी मोहम्मद सरफराज ने मंगलवार सुबह दिल्ली के शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस के अनुसार, सीएपीएफ, अपराध शाखा के कर्मचारियों और बटालियनों सहित 2000 से अधिक कर्मियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया है।

Delhi Chalo March

Delhi Chalo March

2000 से अधिक जवान तैनात

व्यापक सुरक्षा पर एएनआई से बात करते हुए, उत्तर पूर्व जिले के डीसीपी अंकित सिंह ने सोमवार को कहा, "धारा 144 लागू है। ट्रैक्टर ट्रॉली और असेंबली लाना प्रतिबंधित है। दिल्ली पुलिस और सीएपीएफ यहां हैं। हम सीमा को सील करने के लिए तैयार हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी इस सीमा को न तोड़े। अगर कोई अप्रिय घटना होती है तो हम इसे पूरी तरह से सील कर देंगे।" डीसीपी ने कहा, "हमारे पास सीएपीएफ, क्राइम ब्रांच स्टाफ, बटालियन स्टाफ और अन्य इकाइयां हैं। जिले में हमारे पास 2000 से अधिक कर्मचारी हैं।"

Delhi Police Security Arrangements

Delhi Police Security Arrangements

इस बीच, किसान यूनियन नेताओं और केन्द्र सरकार के बीच बैठक में कोई आम सहमति नही बन पाई है। बैठक पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि उन्हें समाधान की उम्मीद है और केंद्र बातचीत के जरिए किसी समाधान पर पहुंचना चाहता है। प्रदर्शनकारी किसान नेताओं के साथ नए दौर की बातचीत के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हालांकि कोई सफलता नहीं मिली, लेकिन विवाद के अधिकांश मुद्दों पर व्यापक सहमति बन गई है।

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा किसान नेताओं से बातचीत करने वाली टीम में शामिल थे। पंजाब के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल भी मौजूद रहे। दिल्ली पुलिस ने निवासियों से शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग और समर्थन करने का आग्रह किया है। बता दें किसान अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिनमें 'एमएसपी गारंटी कानून' और कर्ज माफी शामिल है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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