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पंजाब में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट के पीछे खालिस्तानी आतंकी; खालिस्तान टाइगर फोर्स ने ली जिम्मेदारी

पंजाब के पटियाला में शंभू और राजपुरा के बीच बोथोनिया गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी खालिस्तान टाइगर फोर्स नाम के खालिस्तानी आतंकी संगठन ने ली है।

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पटियाला में ट्रैक पर धमाका, क्या थी साजिश? (Photo: Times Network)

Blast on Railway Track Near Patiala: पंजाब के पटियाला में शंभू और राजपुरा के बीच बोथोनिया गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुए ब्लास्ट के पीछे खालिस्तानी आतंकियों का हाथ निकला है। KTF यानी खालिस्तान टाइगर फोर्स नाम के खालिस्तानी आतंकी संगठन ने ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। जर्मनी में मौजूद खालिस्तान समर्थक जसविंदर मुलतानी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हमला कराने की बात स्वीकारी है।

कौन है जसविंदर सिंह मुल्तानी, जिसने ली हमले की जिम्मेदारी

रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट की जिम्मेदारी लेने वाला जसविंदर सिंह मुल्तानी भगोड़ा खालिस्तानी आतंकी है। 1976 में जन्मा जसविंदर मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर के मुकेरिया गांव का है। उसका एक भाई भी है जो जर्मनी में ही रहता है। दोनों भाई अमीर बनने की चाहत में जर्मनी गए थे, वहां जसविंदर खालिस्तानियों के संपर्क में आ गया और आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा। गुरुपतवंत सिंह पन्नू का बेहद करीबी माने जाने वाले जसविंदर ने ही भारत के कई अलग-अलग शहरों में हुए धमाकों और उनकी साजिश में शामिल रहा है। इनमें चंडीगढ़ मॉडर्न जेल को बम से उड़ाने की साजिश और लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट मुख्य है।एनआईए ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है।

GRP जालंधर में तैनात ASI मानविंदर सिंह ने दी बड़ी जानकारी

इस मामले में GRP जालंधर में तैनात ASI मानविंदर सिंह ने बताया था कि SMU-RJP सेक्शन के रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ है। UP GGVN ट्रेन जब स्टेशन से रवाना हुई,तभी रात करीब 8:29 बजे ट्रेन में जोरदार झटका महसूस किया गया। इसके बाद तुरंत अधिकारियों को सूचना दी गई और रेलवे टीम मौके पर पहुंची।

निरीक्षण के दौरान किलोमीटर 1174/5 पर रेलवे लाइन और स्लीपर क्षतिग्रस्त पाए गए। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल पर संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं,जिससे ब्लास्ट की आशंका जताई जा रही है।

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। मामले में Explosive Substances Act, 1908 की धारा 3 और 150 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

बीती रात हुआ था ब्लास्ट

बता दें कि रात करीब 10 बजे रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ था, जिसके बाद मामले में जांच के दौरान पुलिस को पुलिस को विस्फोट स्थल पर एक क्षत-विक्षत शव मिला।

आरोपी बम लगाने की कोशिश में मारा गया?

इससे पहले, पटियाला के SSP वरुण शर्मा ने कहा कि पटियाला पुलिस के पास कल रात एक लो इंटेंसिटी ब्लास्ट की सूचना आई थी शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर यह ब्लास्ट होने की सूचना प्राप्त हुई थी। हम मौके पर पहुंचे तो हमने देखा कि यह लो इंटेंसिटी ब्लास्ट नहीं बल्कि डेटोनेशन का एक प्रयास था। डेटोनेशन के प्रयास के दौरान डेटोनेट करने वाले शख्स की मौत हो गई है एक शख्स का शव भी वहां से बरामद हुआ है। मौके से हमे एक सिमकार्ड भी बरामद हुआ है मौके अन्य सुबूत भी मिले हैं। GRP समेत अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है जल्द इस साजिश का पर्दाफाश करेंगे।

(पंजाब से मनोज कुमार और एजेंसी के इनपुट के साथ)

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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