पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के बीच अब इस हाई-प्रोफाइल मामले का जोधपुर कनेक्शन भी सामने आया है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार सिया गोयल का कथित बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी मूल रूप से राजस्थान के जोधपुर जिले के बिलाड़ा कस्बे के पलासनी गांव का रहने वाला है। हालांकि उसका परिवार कई वर्षों से पुणे में रहकर कारोबार करता है।
परिवार और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, चेतन के पिता बाबूलाल की पुणे में किराना और ड्राई फ्रूट्स की दुकान है। इसी दुकान के सामने सिया के पिता का प्रॉपर्टी ऑफिस होने के कारण दोनों परिवारों की पहचान हुई और बाद में चेतन और सिया की दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।
डेस्टिनेशन वेडिंग वाली जगह पर भी ले गया था सिया को
सूत्रों का दावा है कि दिसंबर 2025 में चेतन अपनी गर्लफ्रेंड सिया को जोधपुर घुमाने लेकर आया था। दोनों ने शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया, जिनमें मेहरानगढ़ किला भी शामिल है। यह भी बताया जा रहा है कि दोनों दो दिन तक एक 5-स्टार होटल में ठहरे थे। इसके अलावा करीब एक महीने पहले दोनों उदयपुर भी गए थे, जहां सिया की डेस्टिनेशन वेडिंग की योजना बनाई जा रही थी।
2017 में पुणे शिफ्ट हुआ था परिवार
चेतन के बड़े पापा गुणेशराम चौधरी पलासनी गांव में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 2017 में परिवार के मुखिया पूनमाराम के निधन के बाद चेतन के पिता बाबूलाल और अन्य दो भाई परिवार सहित कारोबार के लिए पुणे चले गए थे। गांव में केवल गुणेशराम अपनी पत्नी केलकी देवी के साथ पैतृक 30-35 बीघा जमीन पर खेती करते हैं। बाकी परिवार शादी-ब्याह और होली-दीवाली जैसे अवसरों पर गांव आता रहा है।
गुणेशराम ने कहा, "इस दुख की घड़ी में मैं अपने भाई बाबूलाल से भी बात नहीं कर पाया। बात करूं तो भी क्या होगा। हम चारों भाइयों का संयुक्त परिवार है। पिछले डेढ़ साल से चेतन गांव नहीं आया। पिछले साल गांव में रिश्तेदारी की शादी थी, तब भी परिवार से सिर्फ मेरा बेटा आया था।"
पड़ोसियों ने परिवार को बताया सम्मानित
वहीं, गांव के लोगों का कहना है कि चेतन के पिता बाबूलाल सामाजिक और मिलनसार व्यक्ति हैं। पड़ोसियों के मुताबिक, हाल ही में गांव के मंदिर में तीन दिन का धार्मिक कार्यक्रम कराया गया था, जिसमें उन्होंने करीब सात लाख रुपये का दान भी दिया था।
उनके बारे में एक पड़ोसी ने कहा कि बाबूलाल जी बहुत भले इंसान हैं। हमें यकीन नहीं होता कि चेतन किसी की हत्या कर सकता है। हालांकि पुलिस जांच कर रही है। अगर दोषी होगा तो सजा मिलेगी और बेगुनाह होगा तो कानून उसे न्याय देगा।
गांव नहीं आया, लेकिन जोधपुर घूमने पहुंचा था
इस बीच स्थानीय व्यक्ति ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि चेतन पिछले साल दिसंबर में जोधपुर आया था, लेकिन अपने पैतृक गांव पलासनी नहीं गया। उसके साथ एक युवती भी थी। दोनों ने जोधपुर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया और फिर वापस पुणे लौट गए।फिलहाल पुणे पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां केतन अग्रवाल हत्याकांड की सभी कड़ियों की गहन जांच कर रही हैं। जोधपुर कनेक्शन सामने आने के बाद इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
