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केरल सीरियल ब्लास्ट में अब तक 3 की मौत, कई की हालत गंभीर, 20 सदस्यीय टीम करेगी जांच; पढ़िए बड़े अपडेट्स

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Oct 30, 2023, 08:24 AM IST

Kerala Blast: ​​ जांच टीम इस घटना की दो एंगल से जांच करेगी। पहला ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार डोमिनिक मार्टिन के बयानों के आधार पर तफ्तीश की जाएगी। दूसरा 2 दिन पहले मल्लपुरम में हमास के पक्ष में निकाली गई रैली का यहोवा समुदाय द्वारा विरोध करना। वहीं, NIA इस घटना का PFI कनेक्शन भी तलाश करेगी।

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केरल बम धमाका

Photo : Twitter

Kerala Blast: केरल के एर्नाकुलम में रविवार सुबह से सीरियल ब्लास्ट में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। सुबह-सुबह सिलसिलेवार तरीके से हुए 3 बम धमाकों में दो महिलाओं की मौत पहले ही हो चुकी थी। वहीं अब 12 साल की लड़की की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, 12 वर्षीय लबीना बम धमाके में 95 फीसदी जल गई थी। कल रात 12:40 मिनट पर उसने दम तोड़ दिया।

लबीना एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एडमिट थी। अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिसमें कुछ की हालत काफी गंभीर है। इनमें कई 80 से 90 परसेंट बर्न हैं। राज्य सरकार ने बम धमाके में घायल लोगों के लिए इलाज के लिए 12 सदस्यी मेडिकल बोर्ड का गठन किया है।

सीएम ने गठित की 20 सदस्यीय टीम

केरल बम धमाके की जिम्मेदारी डोमिनिक मार्टिन नाम के शख्स ने ली है, उसने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में एडीजीपी कानून एवं व्यवस्था के नेतृत्व में 20 सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इसके जांच अधिकारी कोच्चि डीसीपी होंगे। इसके अलावा दिल्ली से एनएसजी की एक स्पेशल टीम भी इस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, जांच टीम इस घटना की दो एंगल से जांच करेगी। पहला ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार डोमिनिक मार्टिन के बयानों के आधार पर तफ्तीश की जाएगी। दूसरा 2 दिन पहले मल्लपुरम में हमास के पक्ष में निकाली गई रैली का यहोवा समुदाय द्वारा विरोध करना। वहीं, NIA इन धमाकों के पीछे PFI एंगल से भी तफ्तीश कर रही है, क्योंकि संगठन पर बैन लगने के बाद से PFI अपने गढ़ केरल में खुद को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।

हमास से जुड़ रहा कनेक्शन

केरल बम धमाके का कनेक्शन आतंकी संगठन हमास से जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इस ब्लास्ट को केरल में इजराइल के विरोध में हुए प्रदर्शन में हमास नेता के वर्चुअल संबोधन से जोड़ा है। बता दें, धमाके से ठीक दो दिन पहले केरल के मल्लापुरम में फिलिस्तीन के समर्थन में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली में हमास के आतंकी खालिद मशेल वर्चुअली जुड़ा था। कथित तौर पर उसने रैली को संबोधित भी किया था।

सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उधर, केरल के डीजीपी ने धमाके के संबंध में सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें प्रचारित करने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, पुलिस टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। फर्जी और झूठी खबरें प्रचारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

टिफिन बॉक्स में रखा गया था बम

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बम एक टिफिन बॉक्स में छिपाकर रखा गया था। पुलिस को मौके से धमाके में इस्तेमाल होने वाला वायर, बैट्री और संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ था। बता दें, कन्वेंशन सेंटर में यह धमाका तब हुआ, जब ईसाई समुदाय के लोगों की प्रार्थना चल रही थी। धमाके बाद यहां अफरा-तफरी मच गई थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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