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वायनाड में नहीं खत्म हो रहा लाशें मिलने का सिलसिला, मौत का आंकड़ा बढ़कर 167 हुआ; कल राहुल-प्रियंका करेंगे दौरा

Wayanad Landslide News update: वायनाडा में हुए लैंडस्लाइड में अब तक 167 शव बरामद हो चुके हैं। सैकड़ों लोग इस प्राकृतिक आपदा में घायल हैं और करीब 191 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी गुरुवार को वायनाड का दौरा करेंगे और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे।

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वायनाड भूस्खलन

Photo : AP

Wayanad Landslide News: केरल के वायनाड में भूस्खलन के बाद तबाही का मंजर है। यहां घटना को हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन लाशों के मिलने का सिलसिला अब तक खत्म नहीं हुआ है। वायनाड भूस्खलन में जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है और अब तक 167 शव बरामद हो चुके हैं। सैकड़ों लोग इस प्राकृतिक आपदा में घायल हैं और करीब 191 लोग लापता बताए जा रहे हैं। केसरल सरकार के मुताबिक, 200 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और 5,592 लोगों को अब तक भूस्खलन से प्रभावित इलाकों से बचाया जा चुका है।

वहीं, लापता लोगों को खोजने और भूस्खलन पीड़ितों के रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एनडीआरएफ, सेना और नौसेना के जवान डटे हुए हैं। केंद्र सरकार ने बताया कि मौके पर एनडीआरएफ और पुलिस की टीम मौजूद है। हेलिकॉप्टर की मदद से लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। नौसेना की रिवर क्रॉसिंग टीम भी मौके पर मौजूद है। भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के 1200 बचावकर्मी घटनास्थल पर तैनात किए गए हैं।

24 घंटे निगरानी कर रहा गृह मंत्रालय

केंद्र सरकार ने बताया कि बचाव और खोज कार्य में सेना के डॉग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा आर्मी की डीसी सेंट्रल कन्नूर की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। त्रिवेंद्रम की 91 इन्फेंट्री ब्रिगेड की दो टुकड़ियों को रवाना कर दिया गया है। भारतीय आर्मी के दो हेलीकॉप्टर और नेवी का एक हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में विशेष रूप से लगे हैं। सेना की मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है और घायलों को चिकित्सा प्रदान कर रही है। वहीं, भारतीय नौसेना के जहाज को क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर बचाव और भूमि मार्ग से आवाजाही प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के दोनों नियंत्रण कक्ष 24 घंटे से निगरानी कर रहे हैं और राज्य को प्रत्येक संभव सहायता प्रदान की जा रही है। 31 जुलाई को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से 145 करोड़ की राशि राज्य सरकार को प्रदान कराई गई है।

राहुल-प्रियंका करेंगे वायनाड का दौरा

इस बीच खबर है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी गुरुवार को वायनाड जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भूस्खलन से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। पहले दोनों नेता बुधवार को वायनाड जाने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें अपना यह कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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