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रोते केजरीवाल को सहारा देते दिखे सिसोदिया, कभी इसी कथित घोटाले में महीनों थे सलाखों के पीछे

दिल्ली की अदालत ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को उस कथित शराब नीति घोटाले में आरोपमुक्त कर दिया है, जिसमें वो महीनों जेल में रह चुके थे। दोनों इस मामले में जमानत पर बाहर थे।

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रोते केजरीवाल को सिसोदिया ने दिया सहारा

कथित दिल्ली शराब नीति घोटाले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल आरोपमुक्त हो गए हैं। साथ ही इसी केस में वो मनीष सिसोदिया भी आरोपमुक्त हुए, जो केजरीवाल के हमसाए की तरह रहे हैं। कोर्ट से आरोपमुक्त होने के बाद जब केजरीवाल बाहर निकले तो मीडिया के सामने फूट-फूट कर रोने लगे, इस दौरान सिसोदिया ने उन्हें न केवल सहारा दिया बल्कि, उन्हें गले लगाते हुए हौसला भी बढ़ाया। एक तरफ केजरीवाल रोते हुए मीडिया से बात रहे थे, तो दूसरी ओर सिसोदिया उन्हें सहार देकर खड़ा रहने में मदद कर रहे थे।

कभी दोनों थे सलाखों के पीछे

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कभी इसी कथित घोटाले के कारण जेल भी जा चुके हैं। इस मामले में सीबीआई के केस बाद पहले मनीष सिसोदिया ने सरकार से इस्तीफा दिया था। इसके बाद मनीष सिसोदिया गिरफ्तार हुए और फिर 17 महीने बाद जेल से बाहर आए थे। इसी कथित शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल को भी जेल जाना पड़ा था। बाद में केजरीवाल भी जमानत पर बाहर निकले थे, लेकिन सीएम का पद छोड़ना पड़ गया था।

केजरीवाल-सिसोदिया की दोस्ती

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया लगभग दो दशकों से भी अधिक समय से साथ हैं। दोनों की राजनीतिक और सामाजिक साझेदारी की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी। दोनों की मुलाकात आरटीआई (सूचना का अधिकार) आंदोलन के दौरान हुई। 2006 के आसपास केजरीवाल ने जब ‘परिवर्तन’ और बाद में ‘कबीर’ जैसे अभियानों के जरिए पारदर्शिता की लड़ाई शुरू की, तब सिसोदिया भी सक्रिय रूप से उनके साथ जुड़े। 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन में दोनों ने साथ मिलकर अहम भूमिका निभाई। 2012 में आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना के समय से ही सिसोदिया, केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में रहे। 2013 में दिल्ली में AAP की पहली सरकार बनी, तब सिसोदिया उपमुख्यमंत्री बने और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली। पिछले 10–12 वर्षों में दोनों ने दिल्ली की राजनीति में साथ काम किया और कई बड़े राजनीतिक उतार-चढ़ाव एक साथ देखे।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश

यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी (शराब) नीति से जुड़ा है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। दिल्ली के मुख्य सचिव रहे नरेश कुमार की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। बाद में सीबीआई ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी। 26 फरवरी 2023 को सीबीआई ने इस मामले में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया। 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 26 जून को सीबीआई ने उन्हें जेल से ही हिरासत में ले लिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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