Rashtravad : क्या हिंदू देवी-देवताओं के विरोध वाली शपथ आम आदमी पार्टी को भारी पड़ सकती है? क्या राजेंद्र पाल गौतम के कारण आम आदमी पार्टी की दिल्ली से गुजरात तक किरकिरी हो रही है? आज सियासी गलियों में ये सवाल इसलिए फ्लोट हो रहे हैं क्योंकि दिल्ली के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के हिंदू देवी-देवताओं को न मानने, पूजा पाठ न करने वाला विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं कि गुजरात में केजरीवाल की तिरंगा यात्रा से पहले पोस्टर लगने लगे।
गुजरात के राजकोट, गांधीनगर, वडोदरा जैसे शहरों में पोस्टर्स लगे दिख रहे हैं। जिसमें आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल का फोटो लगा है। हिंदू धर्म के खिलाफ लगाए गए इन पोस्टर्स को मुद्दा बनाकर BJP ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन पोस्टर्स में केजरीवाल को मुस्लिम टोपी पहने दिखाया गया और हिंदू धर्म के खिलाफ टिप्पणी की गई है। इसी पोस्टर को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच ठन गई रहै। बीजेपी इन पोस्टर्स के पीछे आम आदमी पार्टी का हाथ होने का आरोप लगा रही है। तो वहीं, आम आदमी पार्टी इसे बीजेपी का हथकंडा करार दे रही है। लेकिन इन सबके बीच अब तक राजेंद्र पाल गौतम वाले वीडियो और गुजरात में लगे इन बैनर्स के मामले पर आप के किसी बड़े नेता का रिएक्शन सामने नहीं आया है। बीजेपी इसी पर हमलावर है।
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी इन पोस्टर्स पर आम आदमी पार्टी पर वार किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि अरविंद केजरीवाल के मंत्री द्वारा हिंदुओं को बदनाम करने के बाद, पूरे गुजरात में उसी तरह के हिंदू विरोधी नारे और केजरीवाल की तस्वीर वाले पोस्टर सामने आए हैं। तो देखा आपने गुजरात के चुनावी समर के बीच आम आदमी पार्टी की ना तो होर्डिंग्स पोस्टर पर प्रतिक्रिया आई है। ना ही राजेंद्र पाल गौतम की भगवान राम कृष्ण को ना मानने वाली शपथ को लेकर पार्टी ने स्टैंड क्लियर किया है। गौतम वाले मामले पर आम आदमी पार्टी की तरफ से जो बयान आए हैं, वो गोलमोल हैं।
ऐसे में ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या हिंदूफोबिया पर चुप्पी AAP को भारी पड़ सकती है ? ये सवाल इसलिए क्योंकि वडोदरा में केजरीवाल के सामने आज भी मोदी के नारे लगे। आप की रैली से पहले वहां पर केजरीवाल गो बैक के पोस्टर्स लगे दिखाई दिए। आज शाम वडोदरा में आम आदमी पार्टी की तिरंगा यात्रा भी है। और चूंकि गुजरात को हिंदुत्व की सबसे बड़ी प्रयोगशाला कहा जाता है। तो ऐसे में हिंदू देवता विरोधी शपथ और विवादित पोस्टर पर पॉलिटिक्स गरमाने के पूरे आसार हैं। जिसका ट्रेलर दिखने भी लगा है।
तो आपने देखा कि गुजरात का चुनावी रण किस कदर गरमा रहा है..इन्हीं सिनेरियो बीच राष्ट्रवाद में आज का सवाल है-
क्या 'हिंदूफोबिया' के जाल में फंस गई आम आदमी पार्टी ?
भगवान को नहीं मानेंगे तो वोट कैसे मांगेंगे ?
दिल्ली में 'धर्मांतरण' तो गुजरात में हिंदुओं को आमंत्रण क्यों ?
