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केजरीवाल की कैबिनेट में बड़ा उलटफेर: सौरभ भारद्वाज से छीने गए विभाग, आतिशी को सर्विस और विजिलेंस की कमान

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 8, 2023, 11:47 AM IST

Kejriwal Cabinet Reshuffle: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट में बदलाव किया है। उन्होंने सर्विस और विजिलेंस डिपार्टमेंट की कमान अब मंत्री आतिशी को सौंप दी है। ये दोनों विभाग अब तक सौरभ भारद्वाज के पास थे।

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अरविंद केजरीवाल

Photo : BCCL

Kejriwal Cabinet Reshuffle: राज्यसभा में दिल्ली सेवा विधेयक के पास होते ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कैबिनेट में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट में बदलाव किया है। उन्होंने सर्विस और विजिलेंस डिपार्टमेंट की कमान अब मंत्री आतिशी को सौंप दी है। ये दोनों विभाग अब तक सौरभ भारद्वाज के पास थे। इस फेरबदल की फाइल भी सीएम केजरीवाल ने उपराज्यपाल के पास भेजी है।

खास बात यह है कि अरविंद केजरीवाल की ओर से कैबिनेट में यह फेरबदल ऐसे समय पर किया गया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में अधिकारों के बंटवारे से संबंधित दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में पास हुआ है। केंद्र सरकार की ओर से लाए गए इस बिल को राज्यसभा में समर्थन में 131 तो विरोध में 102 वोट मिले थे।

राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही बन जाएगा कानून

दिल्ली सेवा बिल के नाम से चर्चित 'राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण विधेयक 2023' राज्यसभा में पास हो चुका है। इससे पहले यह बिल लोकसभा में भी पास हो गया था। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर होते ही यह विधेयक कानून में तब्दील हो जाएगा। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में बिल पारित होने के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, यह विधेयक संविधान और अधिकारों पर हमला है। केंद्र सरकार इस विधेयक के जरिए दिल्ली के लोगों के मताधिकार हो छीनना चाह रही है। इस कानून के बाद दिल्ली में चुनी हुई सरकार का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

जानिए किसके पास होगा क्या अधिकार

राष्ट्रीय राजधानी लोक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार के प्रधान गृह सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। वहीं दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव भी इस प्राधिकरण का हिस्सा होंगे। बहुमत के आधार पर ये प्राधिकरण दिल्ली के उपराज्यपाल को सेवाओं संबंधित मामलों में सुझाव देगा। हालांकि, एलजी की मुहर के बाद ही किसी सुझाव को अमल में लाया जा सकता है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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