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क्या है 'काजीरंगा कॉरिडोर' जिसकी पीएम मोदी ने रखी आधारशिला, क्या है उद्देश्य, कब तक होगा पूरा?

एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-715) के कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड को चार लेन का किया जाएगा और लगभग 34.45 किलोमीटर का ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ बनाया जाएगा। इसके तहत जखलाबांधा और बोकाखाट में बाईपास भी बनाए जाएंगे।

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क्या है काजीरंगा कॉरिडोर?

Photo : ANI

Kaziranga corridor -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जिस ‘काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर’ परियोजना की आधारशिला रखी, उसकी कई खासियतें होंगी और यह देश का अपनी तरह का अनोखा कॉरीडोर होगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीवों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और इकोटूरिज्म को बढ़ावा देना है। इकोटूरिज्म से अर्थ प्राकृतिक क्षेत्रों में ऐसे पर्यटन से है जिससे स्थानीय वन्य जीवन एवं पर्यावरण को संरक्षित रखा जा सके और उन्हें लाभ पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि 6,957 करोड़ रुपये की यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर दुर्घटनाओं को कम करने में भी मदद करेगी।

34.45 किलोमीटर का ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’

एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-715) के कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड को चार लेन का किया जाएगा और लगभग 34.45 किलोमीटर का ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ बनाया जाएगा। इसके तहत जखलाबांधा और बोकाखाट में बाईपास भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और भारतीय वन्यजीव संस्थान की सिफारिशों के अनुरूप तैयार किया गया है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य मध्य एवं अपर असम के बीच संपर्क बेहतर करना और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) द्वारा लागू किया जाएगा और निर्माण कार्य 36 महीनों में पूरा होगा।

राष्ट्रीय उद्यान से कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों तक जा सकेंगे जानवर

केंद्र की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने राजमार्ग के 86.675 किलोमीटर हिस्से को चार लेन का करने और 34.5 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी थी, जिसके नीचे का क्षेत्र विशेष रूप से बारिश के मौसम में जानवरों के राष्ट्रीय उद्यान से कार्बी आंगलोंग पहाड़ियों तक आने-जाने के लिए इस्तेमाल होगा। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, आज मैं कलियाबोर, असम में काजीरंगा में 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर समेत प्रमुख विकास कार्यों के भूमि पूजन को लेकर उत्सुक हूं। इससे विशेष रूप से मानसून के दौरान जानवरों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मोदी के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण वन्यजीवों को संरक्षित करने और संपर्क सुविधा को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे विस्तृत घास मैदानों, वनों और आर्द्रभूमि के बीच स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य अपनी जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, जहां एक सींग वाले गैंडों की दुनिया में सर्वाधिक संख्या है। इसके अलावा यहां बाघों, हाथियों, जंगली भैंसों और बारहसिंघा की भी उल्लेखनीय संख्या पाई जाती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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