देश

कर्नाटक में BJP विधायक को पुलिस ने हिरासत में लिया, जान से मारने की धमकी देने और उत्पीड़न का है आरोप

BJP MLA Munirathna: बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के ठेकेदार चेलुवराजू की शिकायत पर भाजपा विधायक मुनिरत्न के खिलाफ दर्ज पहली प्राथमिकी में विधायक पर 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और राशि न मिलने पर अनुबंध समाप्त करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

Image

भाजपा विधायक मुनिरत्न

Photo : Twitter

BJP MLA Munirathna: कर्नाटक में भाजपा विधायक मुनिरत्न को पुलिस ने हिरासत में लिया गया है। उन पर उत्पीड़न, धमकी और जाति आधारित दुर्व्यवहार करने के आरोप है। पुलिस ने बताया मुनिरत्न के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक वरिष्ठ पुलिस ने बताया कि हमने उन्हें हिरासत में ले लिया है। उन्हें कोलार से हिरासत में लिया गया और बेंगलुरु लाया जा रहा है, जिसके बाद उनके खिलाफ दर्ज मामलों के सिलसिले में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।

उधर, भाजपा ने भी मुनिरत्न के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने पांच दिनों के भीतर अनुशासन समिति के समक्ष उनपर लगे आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। बता दें, मुनिरत्न कर्नाटक की विधानसभा सीट राजराजेश्वरीनगर से विधायक हैं।

क्या है मामला?

बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के ठेकेदार चेलुवराजू की शिकायत पर मुनिरत्न के खिलाफ दर्ज पहली प्राथमिकी में विधायक पर 30 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और राशि न मिलने पर अनुबंध समाप्त करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। चेलुवराजू ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि शुरुआत में मुनिरत्न ने उनसे 2021 में ठोस अपशिष्ट निपटान अनुबंध के लिए 20 लाख रुपये की मांग की, लेकिन अपशिष्ट प्रबंधन अनुबंध के लिए 10 ऑटो ट्रिपर प्राप्त करने के वास्ते भुगतान करने के बावजूद, नगर निकाय ने इन वाहनों को उपलब्ध कराने की स्वीकृति नहीं दी। चेलुवराजू को विधायक ने बार-बार परेशान किया और कथित तौर पर गाली गलौज व मारपीट की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विधायक ने उन्हें अपना काम करने की अनुमति नहीं दी और सितंबर 2023 में उन्हें थप्पड़ भी मारा। पुलिस के अनुसार, ठेकेदार को कथित तौर पर धमकाने, गाली देने और परेशान करने के मामले में विधायक के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों सहित तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

बीबीएपी पार्षद ने भी दर्ज कराई शिकायत

पुलिस ने बताया कि विधायक के खिलाफ दूसरी प्राथमिकी बीबीएमपी पार्षद की शिकायत पर दर्ज की गई। पार्षद ने आरोप लगाया है कि विधायक ने जाति सूचक अपशब्द कहे तथा उनके परिवार का अपमान किया। विधायक ने कथित तौर पर चेलुवराजू से कहा कि वह पार्षद की जाति के कारण उनसे न जुड़ें। पुलिस के मुताबिक, मामले में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बाद में, मुनिरत्न ने एक वीडियो संदेश जारी की कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप ‘सत्य से कोसों दूर’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ पिछले 15 साल में किसी ठेकेदार या आम आदमी की तरफ से ऐसा कोई आरोप नहीं लगा कि मुनिरत्न ने अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है। लोकसभा चुनाव और नतीजों के बाद मेरे खिलाफ साजिश रची गई।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article