Kanchanjungha Express Accident: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है। यहां कंचनजंगा एक्सप्रेस से मालगाड़ी टकरा गई। सोमवार (17 जून) की सुबह पश्चिम बंगाल के सियालदह स्टेशन के लिए रवाना हुई कंचनजंगा एक्सप्रेस को न्यू जलपालगुड़ी के पास मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मौत हुई है और 60 से अधिक लोग घायल हुए हैं। रेलवे बोर्ड ने बताया कि हादसे में तीन रेलवे कर्मचारियों समेत 8 लोगों की मौत हुई है। सुबह करीब 9 बजे हुई इस घटना में तीन डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे रेल रूट काफी बाधित हुआ है।
टक्कर के बाद मची चीख-पुकार
न्यू जलपाईगुड़ी से सियालदह जा रही कंचनजंगा एक्सप्रेस सिलीगुड़ी पार करने के बाद रंगपानी स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रंगापानी स्टेशन पर खड़ी कंचनगंगा एक्सप्रेस को पीछे से मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रेन में चीख-पुकार मच गई और यात्री बाहर निकल आए। इस टक्कर में ट्रेन की पीछे की तीन बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। हादसे में दो पैसेंजर बोगी और एक पार्सल बोगी को नुकसान पहुंचा है।
Kanchenjunga Train Accident
हादसे में 5 की मौत
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। मालगाड़ी के इंजन से पीछे से टक्कर लगने के कारण कंचनजंगा एक्सप्रेस के पिछले तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के डिवीजनल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) ने बताया कि 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदह जा रही थी तभी यह दुर्घटना हुई।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
ट्रेन हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख जताया है। एक्स पर उन्होंने लिखा- जिन्होंने अपनों को खोया, उनके लिए संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। पीएम मोदी ने पीड़ितों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना में प्रत्येक मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ (PMNRF) से 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस दुखद घटना पर अपना दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी-अभी दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा इलाके में हुए दुखद रेल हादसे के बारे में पता चला है। ममता बनर्जी ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, डॉक्टर, एम्बुलेंस और आपदा टीमों को बचाव, चिकित्सा सहायता के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है और युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है।
रेल मंत्री सक्रिय, राहत ट्रेन रवाना
राहत और बचाव कार्य जोरों से चलाया जा रहा है। हादसे के बाद राहत ट्रेन को मौके पर रवाना किया गया है। मौके पर रेलवे अधिकारी और राहत-बचाव कर्मचारी मौजूद हैं। वहीं रेल मंत्री अश्विन अफसरों के संपर्क में हैं और वॉर रूम से पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने कहा है कि राहत और बचाव का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
सिग्नल की अनदेखी
शुरुआती खबरों से पता चला है कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने शायद सिग्नल को पार कर लिया होगा। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि सिग्नलिंग सिस्टम में कोई समस्या थी या नहीं या इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें एक-दूसरे के इतने करीब कैसे आ गईं।
यात्रियों ने बताया डरावना अनुभव
दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता उन नेताओं में शामिल हैं जो बचाव कार्यों का निरीक्षण करने के लिए तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। कंचनजंगा एक्सप्रेस के कोच संख्या एस6 में सवार अगरतला के एक यात्री ने बताया कि उसे अचानक तेज झटका महसूस हुआ और भीषण आवाज के साथ डिब्बा रुक गया। उसने यह भी दावा किया कि राहत और बचाव कार्यों में देरी हुई। एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए यात्री ने कहा, मेरी पत्नी, बच्चा और मैं किसी तरह क्षतिग्रस्त कोच से बाहर निकले। हम अभी भी परेशान ही हैं... बचाव कार्य भी काफी देर से शुरू हुआ।
रेल मंत्री तो घटनास्थल के लिए रवाना हुए ही हैं, इस दुर्घटना पर सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी नजर बनाए हुए हैं। एक्स पर उन्होंने लिखा कि जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, डॉक्टर, एंबुलेंस और आपदा टीमों की मौजूदगी में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
