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Aaj Ka Mausam: दिसंबर बना सावन-भादो! दिल्ली से यूपी तक बारिश से सड़कें लबालब; क्रिसमस पर चिल्ड रहेगा मौसम

Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिसंबर में बारिश के दस्तक देने से कड़ाके की सर्दी के आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक, मौसम क्रिसमस का मचा किरकिरा कर सकता है। बुधवार को भी दिल्ली-एनसीआर, यूपी और राजस्थान में बारिश दर्ज की जा सकती है।

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कल का मौसम कैसा रहेगा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Aaj Ka Mausam: दिसंबर महीने में मौसम सावन-भादों जैसी फिलिंग दे रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों में मंगलवार दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि, बदली की वजह से कड़ाके की ठंड में थोड़ी कमी रही, लेकिन आने वाले 2 से चार दिन में सर्दी अपने चरम पर होगी। खासकर, राजधानी दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल बरसते नजर आए। उधर, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर हिस्सों में बर्फबारी के बाद मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने यूपी में अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अंदेशा जताया है। बहरहाल, बुधवार से मौसम साफ रहने के संकेत हैं। लेकिन, 27 व 28 दिसंबर को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इतना ही नहीं आगरा समेत कई जिलों में ओले गिरने की संभावना है, जिससे कड़ाके की सर्दी से हाल-बेहाल होने वाला है। आइये जानते हैं मंगलवार को कहां कितनी बारिश दर्ज की गई।

कानपुर में सड़कें पानी से भरीं

उत्तर प्रदेश में बारिश और ओले गिरने के साथ तेज हवाओं के झोंकों से शीतलहर बहने के आसार हैं। दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। कानपुर में सड़कों पर पानी भर गया। कमोबेश यही हाल लखनऊ, फतेहपुर, सहारनपुर, गाजियाबाग और नोएडा में भी देखा गया। उधर, बिहार में भी बारिश का असर देखा जा रहा है। राज्य में सप्ताह के अंत तक पारा और गिरेगा। इसके अलावा कोहरा लोगों के लिए सिरदर्द बनेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, क्रिसमस के मौके पर मौसम मजा किरकिरा हो सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से कम हुआ प्रदूषण

दिल्ली के कुछ हिस्सों में मंगलवार शाम को बारिश हुई और दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक रहा। शहर की वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है। दिल्ली में शाम सात बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 358 दर्ज किया गया, जो सुबह 398 था। फिर भी यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। मध्य, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में शाम को बारिश हुई। अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस मौसम के सामान्य तापमान से अधिक है। दिन में आसमान में बादल छाए रहे। डेटा दर्ज करने वाले 37 निगरानी स्टेशनों में से दो (मुंडका और नेहरू नगर) ने वायु गुणवत्ता को ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया, जबकि 32 ने ‘बहुत खराब’ श्रेणी में और शेष ने ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया।

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ माना जाता है। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में दिन के दौरान आर्द्रता का स्तर 100 से 73 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के कई इलाकों में बारिश हुई है जहां कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।

राजस्थान में बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह तक बीते 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान में कहीं कहीं बहुत हल्की वर्षा दर्ज की गयी। पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं हल्की वर्षा दर्ज की गयी। सबसे अधिक नौ मिलीमीटर बारिश भादरा के हनुमानगढ़ में हुई। इस दौरान राज्य में कहीं कहीं पर कोहरा दर्ज किया गया। राज्य के अनेक इलाके कड़ाके की सर्दी की चपेट में हैं और कहीं कहीं 'शीत दिन' व कहीं 'अति शीत दिन' रहा। निम्नतम न्यूनतम तापमान 5.0 डिग्री सेल्सियस डूंगरपुर में दर्ज किया गया। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीकानेर, जयपुर संभाग में बादल छाए हुए हैं और अनेक जगह हल्की बारिश दर्ज की गई है।

इसके अलावा 26-27 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इसका प्रभाव उदयपुर, कोटा, अजमेर व भरतपुर संभाग तथा शेखावाटी इलाके में देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से बादल छाए रहने व कहीं कहीं बारिश होने की संभावना है। यही हाल हरियाणा-पंजाब का है।

जम्मू-कश्मीर में शून्य से नीचे तापमान

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में शून्य से भी कम तापमान में विश्व प्रसिद्ध 'जश्न चिल्ला-ए-कलां' का आयोजन किया गया। ठंड के बावजूद लोग काफी उत्साहित नजर आए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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