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मोदी कैबिनेट में जेपी नड्डा की 'दमदार' वापसी, स्वास्थ्य के साथ-साथ मिला ये बड़ा जिम्मा

JP Nadda Portfolio: मोदी कैबिनेट में जगत प्रकाश नड्डा की स्वास्थ्य मंत्री के रूप में वापसी हुई है। नड्डा ने मोदी के पहले कार्यकाल में नौ नवंबर, 2014 से लेकर 30 मई, 2019 तक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम किया था। उन्हें केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का भी कार्यभार सौंपा गया है।

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जेपी नड्डा को फिर मिला स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा।

Photo : Times Now Digital

JP Nadda Portfolio: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चार साल से अधिक समय तक पार्टी का नेतृत्व करने वाले जेपी नड्डा को सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया। नड्डा ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी।

मनसुख मांडविया के पास थे दोनों मंत्रालय

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में ये दोनों विभाग मनसुख मांडविया के पास थे। वर्ष 2019 में भाजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में भी नड्डा के पास यही विभाग था। अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने के बाद नड्डा भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए।

जनवरी में ही समाप्त हो गया था कार्यकाल

नड्डा का भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल जनवरी में ही समाप्त हो गया था, लेकिन वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें छह महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। अब उनका कार्यकाल जून में समाप्त होगा। 63 वर्षीय नड्डा हिमाचल प्रदेश के एक मात्र नेता हैं जिन्हें मौजूदा सरकार में जगह मिली है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं नड्डा

नड्डा ने मोदी के पहले कार्यकाल में नौ नवंबर, 2014 से लेकर 30 मई, 2019 तक स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम किया था। विधि स्नातक नड्डा ने अपनी राजनीतिक यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू की थी। वह 1991 में भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के अध्यक्ष बने।

2012 में नड्डा चुने गए थे राज्यसभा सांसद

उन्होंने भाजपा में विभिन्न प्रमुख पदों पर कार्य किया। वे बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र और पंजाब तक कई राज्यों में पाटी के चुनाव अभियान का नेतृत्व किया। वह अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार में मंत्री भी रहे।

नड्डा 2012 में राज्यसभा के लिए चुने गए और 2014 में जब अमित शाह ने पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला तो उन्हें भाजपा के संसदीय बोर्ड का सदस्य बनाया गया। माना जाता है कि नड्डा के मोदी के साथ मधुर संबंध हैं। वह लंबे समय तक हिमाचल प्रदेश में पार्टी मामलों के प्रभारी रहे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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