Trump-Munir Lunch : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेना प्रमुख एवं फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के लंच की चर्चा खूब हो रही है। इस मुलाकात और लंच को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इन्हीं अटकलों के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा है कि 'जैसा कि कहावत है कि कोई भी लंच फ्री में नहीं होता इसलिए इस लंच के पीछे चार वजहें हो सकती हैं।' पुलिस के पूर्व अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की पाक सेना प्रमुख के साथ मुलाकात पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग समय पर पाकिस्तान के तीन जनरल अमेरिकी राष्ट्रपतियों से मिल चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपतियों से मिले थे पाक के ये 3 जनरल
वैद ने कहा कि जनरल अयूब खान, जनरल जिया उल हक और जनरल परवेज मुशर्रफ की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपतियों से हुई थी लेकिन ये सेना प्रमुख होने के साथ-साथ राष्ट्र प्रमुख भी थे। देश की सत्ता इनके हाथ में थी लेकिन मुनीर के साथ ऐसा नहीं है। वह राष्ट्राध्यक्ष नहीं हैं। तो क्या मुनीर आगे पाकिस्तान की बागडोर संभालेंगे? भविष्य में पाकिस्तान में तख्तापलट भी हो सकता है। इस मुलाकात का एक संकेत यह भी है। इस लंच का दूसरा कारण व्यक्तिगत भी हो सकता है। पूर्व डीजीपी ने कहा कि ट्रंप का बेटा क्रिप्टो कारोबार चलाता है और वह हाल ही में पाकिस्तान गया था। क्या यहमुलाकात निजी थी? क्या इसका कोई व्यापारिक उद्देश्य था?
पाक के एयरबेस की जरूरत हो सकती है
तीसरे संभावित कारण के रूप में उन्होंने कहा कि संभव है कि अमेरिका को ईरान पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पाकिस्तान में हवाई अड्डों (एयरबेस) की जरूरत हो। चौथा कारण इमरान खान को लेकर चिंता हो सकती है। वह एक लोकप्रिय नेता हैं और यह मुद्दा उठाया गया हो सकता है। सच्चाई क्या है, यह तो समय ही बताएगा।
व्हाइट हाउस में मुनीर की मेजबानी की
दरअसल, बुधवार को ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख एवं फील्ड मार्शल जनरल सैयद असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में मेजबानी की। चर्चा में कथित तौर पर ईरान-इजरायल संघर्ष और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल थे। बाद में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, 'मैंने पाकिस्तान के साथ युद्ध रोका था, मुझे पाकिस्तान से प्यार है और मैं मोदी को एक शानदार व्यक्ति मानता हूं। मैंने उनसे कल रात बात की। मुझे लगता है कि हम भारत के मोदी के साथ व्यापार समझौता करने जा रहे हैं लेकिन मैंने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रोका था। यह व्यक्ति (मुनीर) पाकिस्तानी पक्ष से इसको रोकने में बहुत प्रभावशाली रहा और भारतीय पक्ष से मोदी।'
पीएम मोदी ने मध्यस्थता की बात खारिज की
हालांकि, इस मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप से 35 मिनट तक फोन पर बात की और स्पष्ट रूप से कहा कि 7-10 मई के सैन्य टकराव के बाद जो सीजफायर हुआ, वह बिना किसी बाहरी मध्यस्थता के भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से संभव हुआ।
