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भाजपा को झारखंड में क्यों मिली हार? कारणों की समीक्षा के लिए दो दिवसीय बैठक जारी; जानें किसने क्या कहा

Jharkhand: झारखंड में आखिर भारतीय जनता पार्टी को हार का सामना क्यों करना पड़ा? भाजपा की विधानसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो दिवसीय बैठक जारी है। चुनावी नतीजों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को महज 24 सीटों पर जीत हासिल हुई है।

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झारखंड में मिली हार के बाद भाजपा की समीक्षा बैठक

Why BJP defeat in Jharkhand Assembly Elections: झारखंड विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार की समीक्षा करने के लिए पार्टी की दो दिवसीय बैठक शनिवार को शुरू हुई। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष, राज्य प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी सहित अन्य की उपस्थिति में दो दिनों तक कई बैठक आयोजित की जाएंगी।

भाजपा नेता ने कहा- हम स्वीकार करते हैं जनादेश

झारखंड में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 68 सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 21 सीट पर ही जीत हासिल हुई। भाजपा नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा, ‘‘हम लोगों के जनादेश को स्वीकार करते हैं... उम्मीदवारों ने अपने चुनावी अनुभव साझा किए हैं। हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। भाजपा एक संगठन के रूप में फिर से लोगों तक पहुंचेगी। हालांकि, मतदान प्रतिशत हमारे लिए उत्साहजनक रहा है। मैं सत्तारूढ़ गठबंधन को बधाई देता हूं, जिसने बेहतर रणनीति के साथ चुनाव लड़ा।’’

विधायक ने बताया- क्या हो सकता है नतीजों के पीछे कारण

कोडरमा से विधायक और भाजपा नेता नीरा यादव ने कहा कि चुनाव परिणाम अप्रत्याशित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा कार्यकर्ता समर्पित और बहुत संवेदनशील हैं। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं हम उन्हें उचित सम्मान नहीं दे पाए, खासकर पुराने कार्यकर्ताओं को... नतीजों के पीछे यह एक कारण हो सकता है, लेकिन यह मेरी निजी राय है।’’

पूर्व विधायक और गोड्डा से पार्टी के उम्मीदवार अमित मंडल ने कहा कि वे समीक्षा बैठक में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के कारणों का पता लगाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें ऐसे नतीजों की उम्मीद नहीं थी, खासकर संथाल परगना में। हम अपनी गलतियों को सुधारेंगे और मजबूत होकर उभरेंगे।’’

झामुमो नीत गठबंधन ने 56 सीट पर दर्ज की है जीत

झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए 13 और 20 नवंबर को दो चरण में मतदान हुआ था और 23 नवंबर को नतीजे आए थे। इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन ने 56 सीट पर जीत के साथ राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को 24 सीट मिलीं। झामुमो नेता हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को यहां एक भव्य समारोह में झारखंड के 14वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

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