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रामदेव के लश्कर से हैं संबंध..अगर आतंकियों से निपटना है तो सेना में 30% मुस्लिमों को शामिल करो: JDU नेता गुलाम रसूल

  • Authored by: किशोर जोशी
  • Updated Feb 14, 2023, 08:49 AM IST

JDU नेता ग़ुलाम रसूल बालियाबी ने पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए बेतुका बयान दिया है। JDU प्रवक्ता गुलाम रसूल का कहना है कि प्रधानमंत्री को अगर आतंकियों से निपटने में डर लग रहा है तो फ़ौज में सिर्फ़ 30 फीसदी मुसलमानों के बच्चों को जगह दें।

KEY HIGHLIGHTS
  1. सेना पर सवाल, रसूल के बयान पर बवाल !
  2. जेडीयू नेता के बयान के बाद नीतीश पर हमलावर हुई बीजेपी, मचा सियासी घमासान !
  3. JDU के 'रसूल' पर कार्रवाई करने के लिए दवाब डालेगी बीजेपी?

JDU नेता ग़ुलाम रसूल बालियावी (Gulam Rasool Balyawi) ने कहा है कि अगर प्रधानमंत्री को पाकिस्तानी आतंकियों (Pakistani Terrorist) से निपटने में आपको डर लग रहा है तो फ़ौज (Indian Army) में सिर्फ़ 30 परसेंट मुसलमानों (Muslims) के बच्चों को जगह दे दीजिये। रसूल ने कहा कि जब पाकिस्तान मिसाइल बनाकर भारत को आँखें दिखा रहा था तब कोई नागपुर से कोई बाबा जवाब देने नहीं आए थे वो मुसलमान का बेटा एपीजे अब्दुल कलाम ने जवाब दिया था। रसूल ने योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) पर भी विवादित बयान दिया और कहा कि वो भारतीय नही है उनका लश्कर-ए-तैयबा से संबंध है।

क्या कहा रसूल ने

रसूल ने कहा, 'और प्रधानमंत्री से भी कह रहा हूं... लोहे को लोहा काटता है, लोहे को गाजर नहीं काटता है। अगर पाकिस्तान के आतंकियों से निपटने में

आपको डर लग रहा है ना तो फौज में सिर्फ 30 फीसदी जगह मुसलमान के बच्चों को दीजिए।'गुलाम रसूल के बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद का इस मामले पर रहना है कि गुलाम रसूल एक तरफ वो हिंदू धर्म का मजाक उड़ा रहे हैं सरी तरफ वो भारतीय सेना के शौर्य पर सवाल उठा रहे हैं, वो इसकी आलोचना करते हैं। बयान की निंदा करता हूं और नीतीश कुमार को उनके बयान पर गौर करना चाहिए।

बागेश्वर धाम को कहा बहरूपिया

पूर्व एमएलसी गुलाम रसूल बलियावी ने नवादा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बाबा रामदेव भारतीय नहीं हैं और पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा से उनका कनेक्शन है, इसकी जांच होनी चाहिए। इतना ही नहीं रसूल ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र बनाने की बात पर कहा कि पता नहीं वह कौन है, क्या है? उनके बारे में नहीं जानते.. इस तरह के बहरूपिया की जगह हमारे देश में नहीं है।
किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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