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जम्मू-कश्मीर में वक्फ कानून पर गरमाई सियासत, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस विधायक बोले- चर्चा जरूरी; विधायक मेहराज मलिक से हुई मारपीट

Jammu and Kashmir Legislative Assembly: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून पर हुए हंगामे के बाद राजनीति थमती नजर नहीं आ रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कहा कि इस कानून पर चर्चा होना बेहद जरूरी है।

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जम्मू-कश्मीर में वक्फ कानून पर गरमाई सियासत

Photo : ANI

Jammu and Kashmir Legislative Assembly: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को वक्फ कानून पर हुए हंगामे के बाद राजनीति थमती नजर नहीं आ रही है। पीडीपी, कांग्रेस समेत कई दल वक्फ कानून को लेकर चर्चा की लगातार मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कहा कि इस कानून पर चर्चा होना बेहद जरूरी है। कांग्रेस विधायक निजामुद्दीन भट ने कहा कि इस (वक्फ कानून) पर चर्चा होना बेहद जरूरी है। मैं चाहता हूं कि सदन के नेता आएं और इस मामले पर महत्वपूर्ण निर्णय लें। यह पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

भाजपा विधायक और मेहराज मलिक के बीच हुई तीखी बहस

इस बीच उन्होंने पीडीपी नेता वहीद परा को कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जम्मू कश्मीर के लोगों की दलाली की है और पीडीपी भाजपा मिले हुए हैं। जिसके बाद भाजपा विधायक और मेहराज मलिक के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मेहराज मलिक को धक्का लगा और वो कांच की टेबल पर जा गिरे। इस दौरान सभी विधायकों को मार्शलों द्वारा बाहर निकाला गया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि बैठक कल से चल रही है। हम चाहते हैं कि सदन सुचारू रूप से चले, लेकिन वक्फ संशोधन कानून खासकर जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हम यही चाहते हैं कि इस मुद्दे को लेकर हमें मौका दिया जाए, ताकि अपनी बात को रखा जा सके। नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब्दुल ने कहा कि पिछले दो दिनों से सदन को चलने नहीं दिया गया। हमारी मांग है कि वक्फ कानून पर चर्चा होनी चाहिए। जिस तरह से तमिलनाडु विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है, उसी की तर्ज पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी वक्फ कानून के खिलाफ एक प्रस्ताव पास हो, ताकि इस कानून को वापस लिया जा सके। भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून के अलावा लोगों और विकास के मुद्दों पर बात होनी चाहिए। अब जिसको लेकर चर्चा सदन में नहीं हो सकती है, उसके लिए सरकार कोई भी बैठक करे, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है। वक्फ कानून के खिलाफ नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाए जाने के मुद्दे को लेकर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था। वहीं, मंगलवार को भी जम्मू-कश्मीर विधानसभा में वक्फ कानून को लेकर हंगामा हुआ। विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 30 मिनट के लिए स्थगित कर दिया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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