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देश विरोधी गतिविधियों को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा एक्शन, 5 कर्मचारियों को किया बर्खास्त

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  • Updated Oct 15, 2022, 03:25 PM IST

Jammu Kashmir: जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहायक विंग में कांस्टेबल तनवीर सलीम, पौधरोपण पर्यवेक्षक सैयद इफ्तिखार अंद्राबी, बारामूला के सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का मैनेजर आफाक अहमद वानी, जल शक्ति विभाग में अर्दली सह चौकीदार इरशाद अहमद खान और हंदवाड़ा के पीएचई सब डिवीजन के सहायक लाइनमैन अब्दुल मोमिन पीर है।

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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। (File Photo)

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS

  1. देश विरोधी गतिविधियों को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा एक्शन
  2. सरकार ने 5 कर्मचारियों को किया बर्खास्त
  3. देश विरोधी तत्वों के प्रति सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई

Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार को देश विरोधी गतिविधियों (Anti National Activities) के आरोप में पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत पांच कर्मचारियों को देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में बर्खास्त करने का आदेश दिया है। बता दें कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत संघ या राज्य को नागरिक क्षमताओं में नियोजित व्यक्ति को बर्खास्त करने का प्रावधान है।

देश विरोधी गतिविधियों को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार का बड़ा एक्शन

बयान में कहा गया है, इन कर्मचारियों की गतिविधियां कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के प्रतिकूल नोटिस में आई थीं। वे राज्य की सुरक्षा के हितों के प्रतिकूल गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहायक विंग में कांस्टेबल तनवीर सलीम, पौधरोपण पर्यवेक्षक सैयद इफ्तिखार अंद्राबी, बारामूला के सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का मैनेजर आफाक अहमद वानी, जल शक्ति विभाग में अर्दली सह चौकीदार इरशाद अहमद खान और हंदवाड़ा के पीएचई सब डिवीजन के सहायक लाइनमैन अब्दुल मोमिन पीर है।

देश विरोधी तत्वों के प्रति सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई

उन्होंने कहा कि सरकार ने देश विरोधी तत्वों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जो सरकारी तंत्र से जुड़े होने के कारण शरण ले रहे हैं। इन पांच बर्खास्तगी से पहले 39 सरकारी अधिकारियों को भारत के संविधान के अनुच्छेद 311 के प्रावधानों को लागू करते हुए बर्खास्त कर दिया गया है। भविष्य में भी सरकार इन राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगी।
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