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कानून मंत्रालय से हटाए जाने पर बोले रिजिजू- ये सजा नहीं, पीएम मोदी का विजन है

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 19, 2023, 02:26 PM IST

रिजिजू दिल्ली के लोधी रोड स्थित पृथ्वी भवन में पृथ्वी विज्ञान मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

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Kiran Rijiju

Photo : IANS

कैबिनेट फेरबदल के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री के पद से हटाए जाने के एक दिन बाद किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को इसे एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री के विजन का हिस्सा है न कि उनके लिए कोई सजा। रिजिजू ने कहा कि यह तबादला एक नियमित प्रक्रिया है। यह प्रधानमंत्री का विजन है। किसी को जिम्मेदारी लेनी होगी। कोई गलती नहीं हुई है। मेरे खिलाफ बोलना विपक्ष का काम है, उन्हें बोलने दें। आज राजनीति पर बोलने का दिन नहीं है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री का पदभार संभाला

रिजिजू शुक्रवार को दिल्ली के लोधी रोड स्थित पृथ्वी भवन में पृथ्वी विज्ञान मंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। गुरुवार को कैबिनेट फेरबदल में किरेन रिजिजू को अचानक कानून मंत्रालय से हटाकर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय दिया गया। उनकी जगह अर्जुन राम मेघवाल को केंद्रीय कानून मंत्री का प्रभार दिया गया। रिजिजू को पिछले साल कैबिनेट का दर्जा देते हुए कानून मंत्रालय में प्रमोशन दिया गया था। उन्होंने सरकार के सबसे हाई-प्रोफाइल मंत्रियों में से एक के रूप में कार्यभार संभाला था।

कॉलेजियम की आलोचना की थी

कानून मंत्री के रूप में रिजिजू ने बार-बार न्यायपालिका को लेकर बयान दिए और नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना की थी। उनके बयानों ने न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच अक्सर खींचतान पैदा कर दी थी। भले ही उन्होंने खुद साफ किया कि देश में कोई न्यायपालिका बनाम सरकार की लड़ाई नहीं है, लेकिन उनके बयान कुछ और ही इशारा करते रहे।

2021 में लोकसभा में किरेन रिजिजू ने कहा था कि उच्च न्यायपालिका में नियुक्तियों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों को केंद्र आंख बंद करके स्वीकार नहीं कर सकता है। पिछले साल सितंबर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कॉलेजियम सिस्टम पर फिर से विचार करने की बात कही थी।

बाद में अक्टूबर में उन्होंने फिर से कॉलेजियम प्रणाली को अपारदर्शी बताया। उन्होंने दावा किया कि न्यायाधीश अक्सर यह तय करने में व्यस्त रहते हैं कि अगला न्यायाधीश कौन होगा, और इसके परिणामस्वरूप न्याय देने का कार्य प्रभावित होता है। कानून मंत्री ने कहा कि मैं जानता हूं कि देश के लोग जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली से खुश नहीं हैं। अगर हम संविधान की भावना का पालन करते हैं, तो जजों की नियुक्ति सरकार का काम है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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