Ladakh News : सीमा पर चीन की चालबाजी का उसी की भाषा में जवाब देने और उसकी हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बारे में सरकार ने बुधवार को दो बड़े फैसले किए। पहला यह कि निमू-पदम-दरचा सड़क सम्पर्क पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 4.1 किलोमीटर लम्बी शिंकुन ला सुरंग का निर्माण होगा। साथ ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की सात नई बटालियन और एक क्षेत्रीय हेडक्वार्टर का गठन होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन दोनों ही अहम फैसलों को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। सरकार का यह कदम चीन की बेचैनी बढ़ा सकता है।
सीमावर्ती इलाके में सेना की पहुंच आसान होगी
शिंकुन ला सुरंग का निर्माण सेना के लिए काफी अहम होगा। इस सुरंग का निर्माण हो जाने पर लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों तक सेना की पहुंच आसान हो जाएगी। सुरक्षाबलों को इन इलाकों तक पहुंचने में कम समय लगेगा। इस सुरंग के बारे में जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि सुरंग के निर्माण का कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा हो जायेगा और इस पर 1681 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
ITBP की 7 नई बटालियन का होगा गठन
भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाली आईटीबीपी की सात नई बटालियन और एक क्षेत्रीय हेडक्वार्टर के गठन के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से चीन बौखला सकता है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 में मंत्रिमंडल ने आईटीबीपी की 47 सीमा चौकी और 12 कैम्प स्थापित करने को मंजूरी दी थी। इनका कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के सात नए बटालियन और क्षेत्रीय हेडक्वार्टर के गठन से 9400 पद सृजित होंगे। ठाकुर ने बताया कि यह कार्य वर्ष 2025-26 तक पूरा कर लिया जाएगा।
