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चीन की बेचैनी बढ़नी तय, 'ड्रैगन' की चालबाजी पर नकेल कसने के लिए भारत ने लिए 2 बड़े फैसले

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Feb 16, 2023, 07:45 AM IST

Ladakh News : सीमा पर चीन की चालबाजी का उसी की भाषा में जवाब देने और उसकी हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बारे में सरकार ने बुधवार को दो बड़े फैसले किए। पहला यह कि निमू-पदम-दरचा सड़क सम्पर्क पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 4.1 किलोमीटर लम्बी शिंकुन ला सुरंग का निर्माण होगा।

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आईटीबीपी की 7 और बटालियन तैयार होगी।

Photo : PTI

Ladakh News : सीमा पर चीन की चालबाजी का उसी की भाषा में जवाब देने और उसकी हर हरकत पर पैनी नजर रखने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस बारे में सरकार ने बुधवार को दो बड़े फैसले किए। पहला यह कि निमू-पदम-दरचा सड़क सम्पर्क पर सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 4.1 किलोमीटर लम्बी शिंकुन ला सुरंग का निर्माण होगा। साथ ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की सात नई बटालियन और एक क्षेत्रीय हेडक्वार्टर का गठन होगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन दोनों ही अहम फैसलों को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। सरकार का यह कदम चीन की बेचैनी बढ़ा सकता है।

सीमावर्ती इलाके में सेना की पहुंच आसान होगी

शिंकुन ला सुरंग का निर्माण सेना के लिए काफी अहम होगा। इस सुरंग का निर्माण हो जाने पर लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों तक सेना की पहुंच आसान हो जाएगी। सुरक्षाबलों को इन इलाकों तक पहुंचने में कम समय लगेगा। इस सुरंग के बारे में जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि सुरंग के निर्माण का कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा हो जायेगा और इस पर 1681 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

ITBP की 7 नई बटालियन का होगा गठन

भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाली आईटीबीपी की सात नई बटालियन और एक क्षेत्रीय हेडक्वार्टर के गठन के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस कदम से चीन बौखला सकता है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि पीएम की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। उन्होंने बताया कि जनवरी 2020 में मंत्रिमंडल ने आईटीबीपी की 47 सीमा चौकी और 12 कैम्प स्थापित करने को मंजूरी दी थी। इनका कार्य तेजी से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के सात नए बटालियन और क्षेत्रीय हेडक्वार्टर के गठन से 9400 पद सृजित होंगे। ठाकुर ने बताया कि यह कार्य वर्ष 2025-26 तक पूरा कर लिया जाएगा।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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