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ISRO का नया मौसम उपग्रह INSAT-3DS GSLV-F14 पर लॉन्च के लिए श्रीहरिकोटा भेजा गया

  • Compiled by: रवि वैश्य
  • Updated Jan 27, 2024, 10:27 PM IST

Meteorological Satellite INSAT-3DS: उपग्रह के निर्माण में भारतीय उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है सूत्रों के मुताबिक, अंतरिक्ष एजेंसी फरवरी के मध्य में प्रक्षेपण का लक्ष्य लेकर चल रही है।

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उपग्रह को बेंगलुरु के यू आर राव सैटेलाइट सेंटर में विकसित किया गया था

Meteorological Satellite INSAT-3DS: इसरो ने शनिवार को बताया कि उसके मौसम संबंधी उपग्रह (Meteorological Satellite) इन्सैट-3डीएस (INSAT-3DS) को जीएसएलवी एफ14 (GSLV F14) पर प्रक्षेपण के लिए श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र एसएचएआर के लिए रवाना कर दिया गया है।

उपग्रह ने यू आर राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु में उपग्रह संयोजन, एकीकरण और परीक्षण गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूरा किया था जिसे 2275 किलोग्राम के लिफ्ट-ऑफ द्रव्यमान के साथ इसरो के I-2k बस प्लेटफॉर्म के आसपास कॉन्फ़िगर किया गया है।

उपग्रह को बेंगलुरु के यू आर राव सैटेलाइट सेंटर में विकसित किया गया था। इसरो ने एक बयान में कहा, 'उपग्रह को मौसम संबंधी पूर्वानुमान और आपदा चेतावनी के लिए उन्नत मौसम संबंधी अवलोकन और भूमि और महासागर सतहों की निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।' इसरो के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जीएसएलवी-एफ14 फरवरी के पहले सप्ताह में उड़ान भरने वाला है।

INSAT-3DS मिशन इसरो और भारत मौसम विज्ञान विभाग के बीच एक सहयोग है। यह जलवायु सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से जलवायु वेधशाला उपग्रहों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें INSAT-3D और INSAT-3DR सहित तीन समर्पित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह शामिल हैं, जो पहले से ही कक्षा में हैं।

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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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