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चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 को लेकर इंतजार खत्म, ISRO ने बताई लॉन्च डेट; जानिए भारत के लिए क्यों खास हैं ये मिशन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 28, 2023, 07:35 PM IST

Chandrayaan 3: इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा है कि वर्तमान में चंद्रयान 3 अंतरिक्ष यान पूरी तरह से एकीकृत है। हमने परीक्षण पूरा कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, चंद्रयान-3 को 13 जुलाई को दोपहर 2:50 बजे लॉन्च किया जाएगा।

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इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन की लॉन्च तिथि की घोषणा की

Photo : BCCL

Chandrayaan 3: इसरो के बहुप्रतीक्षित मिशन चंद्रयान-3 को लेकर इंतजार खत्म हो चुका है। इसरो की ओर से इस मिशन की लॉन्च डेट की घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक, चंद्रयान-3 को 13 जुलाई को दोपहर 2:50 बजे लॉन्च किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, चंद्रयान-3 को आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण यान मार्क-3 के जरिये प्रक्षेपित किया जाएगा।

चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित रूप से उतरने और वहां गतिविधियां करने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए चंद्रयान-2 के बाद का यह एक अभियान है। चंद्रयान-3 मॉड्यूल लैंडर और रोवर को 100 किलोमीटर तक चंद्रमा की कक्षा में ले जाएगा। इसमें, चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी के ध्रुवीय मापन का अध्ययन करने के लिए एक स्पेक्ट्रो-पोलरमेट्री पेलोड भी जोड़ा गया है। इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा है कि वर्तमान में चंद्रयान 3 अंतरिक्ष यान पूरी तरह से एकीकृत है। हमने परीक्षण पूरा कर लिया है।

ऐसा करने वाला भारत बनेगा चौथा देश

अगर चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग सफल रहती है तो भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन चंद्रमा पर अपने मिशन को पूरा कर चुके हैं। बता दें, भारत ने 22 जुलाई 2019 को चंद्रयान-2 मिशन लॉन्च किया था। हालांकि, 2 महीने बाद इस मिशन का सफर खत्म हो गया था। चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने की कोशिश कर रहा विक्रम लैंडर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

सूर्य की स्टडी करेगा आदित्य-एल1

इसरो अगस्त में अपना पहला मिशन आदित्य एल-1 भी लॉन्च कर सकता है। यह भारत का पहला मिशन होगा जो सूर्य के कोरोना का अध्ययन करेगा। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत के पहले मिशन, आदित्य-एल1 मिशन पर अपडेट दिया। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य है कि 10 अगस्त तक इसका प्रक्षेपण कर सकें। हालांकि, आदित्य एल-1 को लेकर फाइनल डेट अभी नहीं आई है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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