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'इनसाइट: डीएनए ऑफ सक्सेस' में बोले केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर: AI के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए होगा डिजिटल इंडिया अधिनियम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 24, 2023, 08:53 PM IST

सद्गुरु एकेडमी की स्थापना 12 साल पहले सद्गुरु द्वारा उच्चतम गुणवत्ता वाली नेतृत्व शिक्षा प्रदान करने, आंतरिक कल्याण के लिए उपकरणों के साथ बाहरी कौशल सेट को संयोजित करने के उद्देश्य से की गई थी।

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'इनसाइट: डीएनए ऑफ सक्सेस' में सद्गुरु के साथ बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर

सद्गुरु एकेडमी (पूर्व में ईशा लीडरशिप एकेडमी) के कार्यक्रम, 'इनसाइट: द डीएनए ऑफ सक्सेस' का 12वां संस्करण ईशा योग केंद्र, कोयंबटूर में गुरुवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री और कौशल विकास व उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर की उपस्थिति में शुरू हुआ। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने "भारत का भविष्य: सरकार की दृष्टि और नीति तत्परता" विषय पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक, सद्गुरु के साथ गहन बातचीत की।

बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग में आने वाली चुनौतियों के लिए नीतिगत समाधानों पर केंद्रित रहा, जिसमें सद्गुरु ने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि कैसे डीपफेक के माध्यम से कुछ नकली संगठनों द्वारा धन जुटाने के लिए उनकी पहचान का गलत उपयोग किया गया। डिजिटल इंडिया अधिनियम के लिए वर्तमान में चल रहे कानून पर चर्चा करते हुए, चंद्रशेखर ने कहा कि इसका उद्देश्य AI के दुष्प्रभावों से निपटना है। यह वर्तमान IT अधिनियम की जगह लेगा जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय पारित किया गया था। लगभग 22 साल पुराने IT अधिनियम में इंटरनेट शब्द का भी उल्लेख नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा- "एआई को एक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विनियमित करने के लिए, डिजिटल इंडिया अधिनियम बनाना होगा जो AI के सभी नकारात्मक प्रभावों का निवारण करेगा।"

इसी पर अपने विचार साझा करते हुए सद्गुरु ने कहा- "मैं तकनीक को कभी भी एक समस्या के रूप में नहीं देखता; यह एक बड़ी संभावना है। लेकिन जीवन की प्रकृति ऐसी है, जब तक हम किसी संभावना का सही तरह से उपयोग नहीं करते, यह हमारे जीवन की सबसे खराब समस्या बन सकती है।"

नई तकनीक और AI को लेकर हुई बातचीत में स्नातक छात्रों की री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग पर केंद्रित सवाल भी उठाए गए, जिस पर मंत्री ने कहा- "निम्न स्तर की नौकरियां (अगर आप यह शब्द उपयोग करना चाहें) ऑटोमेशन और AI से गंभीर रूप से प्रभावित होने वाली हैं। इसलिए हमारा ध्यान कौशल बढ़ाने और इसकी गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित है। यह समय की मांग है और इस प्रतिभा की भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को जरूरत है।''

केंद्रीय मंत्री चन्द्रशेखर 6जी और वायरलेस तकनीक के बारे में बात करते हुए बेहद आशावादी दिखे। उन्होंने कहा- "यह हमारे काम करने के तरीके और दुनिया को डेटा व सेवाएं प्रदान करने के तरीके में एक अभूतपूर्व बदलाव ला सकता है। इससे जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के साथ भारत को भी सक्रिय रूप से इंटरनेट के भविष्य को आकार देने में मदद मिल सकती है।"

उन्होंने कहा- "आज हमारे पास इंटरनेट पर 84.5 करोड़ भारतीय हैं। हम दुनिया में इंटरनेट से जुड़ा सबसे बड़ा देश हैं। हालांकि, हमारे पास 40 करोड़ भारतीय ऐसे भी हैं जो इंटरनेट पर नहीं हैं। तो हमारे पास इंटरनेट से ना जुड़ी होने वाली भी सबसे बड़ी आबादी है। लेकिन 2026 तक, हम उम्मीद करते हैं कि 1.2 अरब भारतीयों के पास इंटरनेट तक सीधी, बिना-मध्यस्थ पहुंच होगी। हम निश्चित रूप से वैश्विक इंटरनेट पर अब तक की सबसे बड़ी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।"

'इनसाइट: डीएनए ऑफ सक्सेस' कार्यक्रम में इस बार भाविश अग्रवाल, संस्थापक, ओला; डॉ. कृष्णा एला, कार्यकारी अध्यक्ष, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड; विनोद के. दसारी, अध्यक्ष, विनीता हेल्थ और ट्रेसा मोटर्स; एजिलिटास स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ अभिषेक गांगुली और मिथुन सचेती, कैरेटलेन के संस्थापक और एमडी जैसे अनुभवी बिजनेस लीडर्स शामिल हो रहे हैं जो अगले कुछ दिनों में पूरे भारत से आए प्रतिभागियों के साथ के साथ अपनी गहरी अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करेंगे। इनसाइट के इस संस्करण का विषय 'बढ़ते भारत में खिलना' है।

सद्गुरु एकेडमी की स्थापना 12 साल पहले सद्गुरु द्वारा उच्चतम गुणवत्ता वाली नेतृत्व शिक्षा प्रदान करने, आंतरिक कल्याण के लिए उपकरणों के साथ बाहरी कौशल सेट को संयोजित करने के उद्देश्य से की गई थी।

ओला के संस्थापक, भावीश अग्रवाल; डॉ. कृष्णा एला, कार्यकारी अध्यक्ष, भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड; विनोद के दसारी, अध्यक्ष, विनीता हेल्थ और ट्रेसा मोटर्स; अभिषेक गांगुली, संस्थापक और सीईओ, एजिलिटास स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड; और कैरेटलेन के संस्थापक और एमडी मिथुन सचेती अगले कुछ दिनों में भारत भर के बिजनेस लीडर्स के साथ अपनी गहरी अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करेंगे। इनसाइट के इस संस्करण का विषय ‘बढ़ते भारत में खिलना’ है। ‘इनसाइट: द डीएनए ऑफ सक्सेस’ के 12वें संस्करण में 250 से अधिक प्रतिभागी 25 से अधिक रिसॉर्स लीडर्स के साथ भाग ले रहे हैं, जो प्रतिभागियों के छोटे समूहों के साथ काम करेंगे ताकि उन्हें कार्यक्रम का सर्वात्तम लाभ मिल सके। कार्यक्रम का संचालन बी.एस. नागेश, TRRAIN के संस्थापक; शॉपर्स स्टॉप लिमिटेड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष; आशुतोष पांडे, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महिंद्रा फर्स्ट चॉइस व्हील्स द्वारा किया जा रहा है।

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