Indigo Crisis: इंडिगो संकट को लेकर सरकार से लेकर डीजीसीए तक एक्टिव दिख रहे हैं। इंडिगो संकट की जांच की लिए डीजीसीए ने समिति का गठन कर दिया है। डीजीसीए की यह समिति 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इंडिगो इस समय सबसे गंभीर संकट का सामने कर रही है और उसके 1000 से ज्यादा उड़ाने कैंसिल हो चुकी हैं।
समिति में कौन-कौन?
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के कारणों की व्यापक समीक्षा और आकलन के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, समिति के सदस्यों में संयुक्त महानिदेशक संजय के ब्रम्हाने, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन कपिल मांगलिक और उड़ान संचालन निरीक्षक कैप्टन रामपाल शामिल हैं।
आदेश में और क्या-क्या?
आदेश में कहा गया है कि समिति 15 दिनों के भीतर डीजीसीए को अपने निष्कर्ष और सिफारिशें प्रस्तुत करेगी ताकि आवश्यक नियामक प्रवर्तन कार्रवाई की जा सके और संस्थागत सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित किया जा सके। आदेश के अनुसार, प्रथम दृष्टि में स्थिति आंतरिक निरीक्षण, परिचालन तैयारियों और अनुपालन योजना में कमियों का संकेत देती है, जिसके लिए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
कहां चूकी इंडिगो?
डीजीसीए ने कहा कि उसने एफडीटीएल (उड़ान ड्यूटी समयसीमा) मानदंडों से संबंधित प्रावधानों को लागू करने के लिए समय पर तैयारी करने हेतु एयरलाइन को समय-समय पर कई बार निर्देश और अग्रिम निर्देश जारी किए हैं। नियामक ने पाया कि एयरलाइन कर्मचारियों की उपलब्धता का सही अनुमान और समय पर प्रशिक्षण नहीं करवा सकी ताथ अपने कर्मचारियों की कार्य-सूची को समय पर बदलने में असफल रही, जिसके परिणामस्वरूप नवंबर 2025 के अंत से इसकी उड़ाने देर से रवाना और रद्द हुईं। इसके बाद, नियामक ने इंडिगो के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें एयरलाइन ने स्वीकार किया कि वह संशोधित मानदंडों के तहत वास्तविक चालक दल की आवश्यकता का अनुमान लगाने में विफल रही है।
