India's defence export : रक्षा उत्पादन एवं निर्यात में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। देश का रक्षा निर्यात अब तक के सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस निर्यात के बारे में जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि बीते एक दशक में इसमें 34 गुना वृद्धि हुई है। सोशल मीडिया X पर अपने एक ट्वीट में रक्षा मंत्री ने कहा, 'साल 2024-25 में भारत ने 23,622 करोड़ रुपए मूल्य के रक्षा उत्पादों का निर्यात किया। एक दशक में इसमें 34 गुना की वृद्धि हुई है। 2013-14 में भारत का रक्षा निर्यात 686 करोड़ रुपए था।'
इस वृद्धि के पीछे 'आत्मनिर्भर' एवं 'मेक इन इंडिया'
रक्षा निर्यात में हुई शानदार बढ़ोत्तरी पर रक्षा मंत्री के कार्यालय का कहना है कि इस सफलता के पीछे रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की भावना है। मंत्रालय का कहना है कि 'आत्मनिर्भर' एवं 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रमों के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत ने कई योजनाओं की शुरुआत की है। इसमें उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन भी शामिल है। इसका लक्ष्य वैश्विक बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों को ज्यादा से ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात बढ़ाना, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से भारत को जोड़ना और आयात निर्भरता कम करना है।
निवेश के लिए आगे ही रहीं बड़ी वैश्विक कंपनियां
मंत्रालय के अनुसार 'मेक इन इंडिया' पहल सरकार का जिस तरह से जोर है उससे रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। रक्षा उत्पादन बढ़ने की वजह से बड़ी रक्षा उत्पादन कंपनियों में बाहरी निवेश आया है। यही नहीं सरकार रक्षा और एरोस्पेस विनिर्माण में काफी पैसा लगा रही है। इस वजह से दुनिया की जानी-मानी कंपनियां जटिल रक्षा एवं एरोस्पेस की जानकारियां साझा करने की इच्छा जताई हैं।
80 देशों में निर्यात हुए हथियार-उपकरण
वित्त मंत्रआलय के डाटा के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में गोला-बारूद, हथियार, सब-सिस्टम/सिस्टम सहित बहुत सारे रक्षा उपकरण करीब 80 देशों में निर्यात हुए हैं। आगे सरकार का इरादा वैश्विक रक्षा निर्यात में भारत का फुटफ्रिंट बढ़ाना है। सरकार का लक्ष्य 2020 तक इसे बढ़कर प्रतिवर्ष 50,000 करोड़ रुपए करने की है।
