भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीप और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में कठोर मौसम की स्थिति से बचने की संभावना है। आईएमडी के हाइड्रोमेट और एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज के प्रमुख एस सी भान (S C Bhan) ने कहा कि मार्च में लू की संभावना (heat waves) कम है, लेकिन देश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल और मई में चरम मौसम की स्थिति का अनुभव हो सकता है। फरवरी के लिए मासिक औसत अधिकतम तापमान 1877 के बाद से सबसे अधिक था, भान ने ग्लोबल वार्मिंग की घटना के बढ़ते रुझान को जोड़ते हुए एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से ये कहा।
पूरा विश्व ग्लोबल वार्मिंग के युग में जी रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या उच्च तापमान जलवायु परिवर्तन का संकेत है, भान ने कहा, हम गर्म होती दुनिया में रह रहे हैं।1901 के बाद से इस फरवरी के दौरान भारतीय क्षेत्र में मासिक औसत न्यूनतम तापमान पांचवां सबसे अधिक था।
कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद
भान ने कहा कि देश भर में बारिश का औसत मार्च में सामान्य (लंबी अवधि के औसत का 83-117 प्रतिशत) रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश क्षेत्रों, पश्चिम-मध्य भारत और पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मानसून के मौसम पर अल नीनो की स्थिति के प्रभाव का पूर्वानुमान लगाना जल्दबाजी होगी। भान ने कहा, "मानसून पर अल नीनो के प्रभाव का अनुमान लगाने के लिए अप्रैल बेहतर समय होगा। हम अप्रैल के मध्य में पूर्वानुमान जारी करेंगे।"
फरवरी में औसत अधिकतम तापमान 63 वर्षों में तीसरी बार सर्वाधिक दर्ज
इस साल फरवरी में दिल्ली में औसत अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और पिछले 63 वर्षों में तीसरी बार इस महीने सर्वाधिक तापमान रहा। राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से सात डिग्री अधिक था। अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 1960 में शहर की सफदरजंग वेधशाला में फरवरी का औसत अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। साल 2006 में संबंधित आंकड़ा 29.7 डिग्री सेल्सियस था और वर्ष 2023 के लिये यह तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रहा। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 20 फरवरी को 1969 के बाद से फरवरी में तीसरा सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था। उस दिन सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
