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भारतीय रेलवे की विकास की नई रफ्तार, छह महीने में 1.42 लाख करोड़ रुपए खर्च कर बनाया नया रिकॉर्ड

​भारतीय रेलवे ने इस साल अब तक का सबसे ज्यादा विकास खर्च (CAPEX) किया है। सितंबर 2025 तक ₹1.42 लाख करोड़ खर्च हो चुके हैं, जो कुल बजट का 56.5% है। ये अब तक की पहली छमाही में सबसे बड़ी रकम है जो विकास कार्यों पर खर्च हुई।

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भारतीय रेलवे के विकास की रफ्तार (PTI)

वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही यानी सितंबर 2025 तक भारतीय रेलवे ने ₹1.42 लाख करोड़ खर्च कर डाले हैं। यह कुल बजटीय पूंजीगत व्यय (CAPEX) का 56.5% हिस्सा हैजो अब तक की सबसे तेज रफ्तार मानी जा रही है। यह पहली बार है जब रेलवे ने इतनी तेजी से पैसा खर्च कर अपनी विकास योजनाओं को जमीन पर उतारा है।

कुल बजट: ₹2,52,200 करोड़

अब तक खर्च: ₹1,42,487 करोड़

अब तक का सबसे ज्यादा विकास खर्च

भारतीय रेलवे ने इस साल अब तक का सबसे ज्यादा विकास खर्च (CAPEX) किया है। सितंबर 2025 तक ₹1.42 लाख करोड़ खर्च हो चुके हैं, जो कुल बजट का 56.5% है। ये अब तक की पहली छमाही में सबसे बड़ी रकम है जो विकास कार्यों पर खर्च हुई। पैसा मुख्य रूप से सुरक्षा, नई रेल लाइनों, स्टेशन सुधार, नई ट्रेनों की खरीद और यात्रियों की सुविधाओं पर लगाया गया है। इससे रेलवे और तेज, सुरक्षित और आधुनिक हो रहा है। आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं, तेज कनेक्टिविटी और आरामदायक सफर मिलेगा। देश की अर्थव्यवस्था को भी इससे ताकत मिलेगी।

सुरक्षा कार्य:

  • रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अब कोई समझौता नहीं कर रहा
  • कवच तकनीक, पुराने पुलों की मरम्मत, रोड ओवर ब्रिज और लेवल क्रॉसिंग के काम
  • ₹22,286 करोड़ खर्च (बजट ₹39,456 करोड़)

क्षमता बढ़ोतरी:

  • नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, गेज बदलना और बिजलीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स
  • ₹49,001 करोड़ खर्च (बजट ₹1,09,986 करोड़)

यात्री सुविधाएं:

  • स्टेशन और ट्रेन में यात्रियों के लिए बेहतरी की दिशा में कदम
  • ₹5,863 करोड़ खर्च (बजट ₹12,004 करोड़)

रोलिंग स्टॉक:

  • नई ट्रेनें, कोच और इंजन की खरीद/मरम्मत
  • ₹25,948 करोड़ खर्च (बजट ₹56,693 करोड़)

यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?

  • सफर होगा और भी सुरक्षित और आरामदायक
  • देश भर में रेल नेटवर्क की रफ्तार बढ़ेगी
  • रोजगार, निर्माण और सप्लाई चेन को मिलेगा बूस्ट
  • नए स्टेशन, कोच और इंजन से रेल सेवा होगी मॉडर्न और फास्ट

भारतीय रेलवे का यह रिकॉर्ड खर्च दिखाता है कि अब रेलवे केवल पटरियों पर ही नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार में भी दौड़ रहा है। आने वाले समय में इसका असर आम यात्री की जेब और सुविधा दोनों पर साफ दिखाई देगा।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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