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चीन-पाकिस्तान के उड़ जाएंगे होश, एक और बेजोड़ ताकत से लैस हुआ INS Mormugao

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated May 23, 2023, 04:33 PM IST

INS Mormugao News: नौसेना ने अपने एक बयान में कहा कि 'भारतीय नौसेना का सबसे नया एवं स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ ने सफलतापूर्वक सी-स्कीमिंग सुपरसोनिक टार्गेट को भेद दिया। युद्धपोत से पहली ही बार में हासिल हुई यह कामयाबी नौसेना के भविष्य की तैयारी और आत्म निर्मर भारत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।'

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नौसेना की ताकत में हुआ और इजाफा।

Photo : ANI

INS Mormugao: भारतीय नौसेना की ताकत में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके समुद्री बेड़े में पहले से मौजूद विध्वंसक युद्धपोतों ने चीन और पाकिस्तान की बेचैनी तो पहले से बढ़ा दी है, अब स्वदेशी युद्धपोत INS Mormugao के नाम जुड़ी एक और उपलब्धि से इन दोनों दुश्मन देशों के होश उड़ जाएंगे। दरअसल, INS Mormugao से 'सी-स्कीमिंग सुपरसोनिक टारगेट' को सफलतापूर्वक भेद दिया। इस उपलब्धि के बाद नौसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है।

रडार से बचाती है सी-स्कीमिंग तकनीक

दरअसल, सी-स्कीमिंग एक तकनीक है। इसका उपयोग करते हुए लड़ाकू विमान रडार की पकड़ से बचने के लिए जितना संभव हो सके समुद्र की सतह से नजदीक उड़ान भरते हैं। सी-स्कीमिंग वाले सुपरसोनिक टारगेट को सफलतापूर्वक भेदकर नौसेना ने अपनी बेजोड़ काबिलियत और भविष्य की अपनी तैयारी साबित की है। स्वदेश निर्मित युद्धपोत की यह कामयाबी बेजोड़ है। इससे दुनिया को संदेश गया है कि भारतीय नौसेना युद्ध की आधुनिक चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हो गई है।

नौसेना की ताकत और बढ़ी

नौसेना ने अपने एक बयान में कहा कि 'भारतीय नौसेना का सबसे नया एवं स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ ने सफलतापूर्वक सी-स्कीमिंग सुपरसोनिक टार्गेट को भेद दिया। युद्धपोत से पहली ही बार में हासिल हुई यह कामयाबी नौसेना के भविष्य की तैयारी और आत्म निर्मर भारत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।' मोरमुगाओ का नाम गोवा के पश्चिमी बंदरगाह शहर के नाम पर है। यह युद्धपोत पहली बार 19 दिसंबर 2021 को अपने समुद्री मिशन के लिए निकला। इसी दिन गोवा ने पुर्तगाल के शासन से मुक्त होने की अपनी 60वीं वर्षगांठ मनाई।

अत्याधुनिक सेंसर्स से लैस है यह युद्धपोत

नौसेना के मुताबिक यह युद्धपोत 163 मीटर लंबा,15 मीटर चौड़ा और इसका वजन 7,400 टन है। इसे भारत में निर्मित सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक माना जा रहा है। यह युद्धपोत आधुनिक हथियारों एवं अत्याधुनिक तकनीक एवं सेंसर्स से लैस है। इसमें सतह से सतह पर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगी हैं। स्वेदशी रॉकेट लॉन्चर्स, टारपीडो लॉन्चर्स, एएसडब्ल्यू हेलिकॉप्टर इसे पनडुब्बियों रोधी अभियान के लिए एक ताकतवर युद्धपोत बनाते हैं।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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