पाकिस्तान के साथ हाल ही में हुए सैन्य संघर्ष के दौरान अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में एयर डिफेंस गन तैनात किए जाने की रिपोर्टों को भारतीय सेना ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सेना ने अपने एक बयान में मंगलवार को कहा कि 'स्वर्ण मंदिर परिसर में कोई भी एयर डिफेंस गन या कोई अन्य एयर डिफेंस संसाधन की तैनाती नहीं हुई थी।'
सेना का यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर आया है जिनमें कहा गया पाकिस्तान से संभावित ड्रोन और मिसाइल खतरों से निपटने के लिए स्वर्ण मंदिर परिसर में एयर डिफेंस गन की तैनाती हुई थी। सेना ने अपने एक बयान में कहा, 'स्वर्ण मंदिर में हवाई रक्षा प्रणाली की तैनाती के संबंध में मीडिया में कुछ खबरें प्रसारित हो रही हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि श्री दरबार साहिब अमृतसर (स्वर्ण मंदिर) के परिसर में कोई हवाई रक्षा प्रणाली या कोई अन्य हवाई रक्षा संसाधन तैनात नहीं किया गया था।'
इससे पहले आज दिन में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने इन रिपोर्टों को 'असत्य' बताते हुए खारिज किया। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह ने रिपोर्टों को 'असत्य' बताकर खारिज कर दिया।
बीते सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए सटीक एवं नपे-तुले हमले किए। भारतीय सेना की इस जवाबी कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर ड्रोन एवं मिसाइलों से हमले की कोशिश की। इनमें से ज्यादातर हमलों को भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया। पाकिस्तान के इन हमलों के खिलाफ भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की। इस जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के अहम एयरबेस सहित कई रक्षा प्रतिष्ठान तबाह किए। नियंत्रण रेखा पर कई दिनों तक चले संघर्ष के बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष के साथ हॉट लाइन पर सीजफायर की गुहार लगाई। इस बातचीत के बाद दोनों देश 10 मई को सीजफायर पर राजी हुए।
