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Ladakh LAC: सैनिकों की वापसी के बाद पहली बार देपसांग में इंडियन आर्मी ने की पेट्रोलिंग, डेमचोक में भी हुई गश्ती

Ladakh LAC: गलवान घाटी में हिंसा के बाद दोनों देशों की ओर से एलएसी पर भारी संख्या में सेना की तैनाती की गई थी। बंकरों का निर्माण किया गया था। जिसके अब समझौते के बाद हटा दिया गया है।

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पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध खत्म (फाइल फोटो)

Photo : PTI
KEY HIGHLIGHTS
  • पूर्वी लद्दाख में कई महीनों से थी तनातनी
  • भारत और चीन के बीच तनातनी
  • अब समझौते के बाद दोनों देश की सेना हटी

Ladakh LAC: पूर्वी लद्दाख के एलएसी के दो इलाकों से सैनिकों की वापसी के बाद आज भारतीय सेना ने अपनी पहले पेट्रोलिंग की। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ सैनिकों की वापसी के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लगभग दो सप्ताह बाद सेना ने सोमवार को देपसांग मैदानों में अपना पहला गश्त किया।

देपसांग में हुई पेट्रोलिंग

सेना की ओर से मिली जानकारी के अनुसार देपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी और गश्त फिर से शुरू करने के लिए भारतीय और चीनी पक्षों के बीच बनी सहमति के बाद, आज देपसांग में गश्त बिंदुओं में से एक पर भारतीय सेना की गश्त सफलतापूर्वक की गई। यह LAC पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम है।

विदेश मंत्रालय ने सत्यापन गश्त की थी पुष्टि

विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह अपनी ब्रीफिंग में कहा था कि दोनों क्षेत्रों - पूर्वी लद्दाख में डेमचोक और उत्तर में देपसांग - में सत्यापन गश्त शुरू हो गई है, जिससे समन्वित गश्त शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस सफलता की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी के रूस में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से एक दिन पहले की गई, जहां उन्होंने शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

अबतक क्या क्या हुआ

  • देपसांग और डेमचोक दोनों में सत्यापन गश्त पूरी हो गई है।
  • सत्यापन गश्त के दौरान, सैनिकों ने पाया कि दूसरे पक्ष ने भी समझौते के प्रावधानों के अनुसार बुनियादी ढांचे/टेंट को पूरी तरह से हटा दिया है।
  • सेना के पीछे हटने के बाद भारतीय सैनिकों ने डेमचोक और देपसांग इलाके में गश्त फिर से शुरू कर दी है।
  • 1 नवंबर को भारतीय सैनिकों ने डेमचोक इलाके में गश्त की।
  • कठिन इलाके की वजह से भारतीय सैनिकों ने डेमचोक में गश्त के दो दिन बाद देपसांग में गश्त शुरू की।
  • गलवान के बाद पहली बार भारतीय सैनिकों ने डेमचोक और देपसांग इलाके में गश्त की।
  • डेमचोक में सैनिक डेमचोक से सीएनएनजे पॉइंट (चार्डिंग निलुंग नाला जंक्शन) की ओर बढ़े जो डेमचोक के दक्षिण में है।
  • डेमचोक में दो बिंदुओं के अलावा, सैनिकों ने चारडिंग निलुंग नाला (सीएनएनजे) जंक्शन पर पीपी 50 और 51 पर गश्त की।
  • 2020 के गलवान झड़पों के बाद चीनियों ने इन बिंदुओं तक पहुंच को अवरुद्ध कर दिया था।
  • पिछले इतिहास के कारण सीएनएनजे में टकराव को विरासत विवाद कहा जाता है।

21 अक्टूबर को विदेश मंत्रालय ने की थी घोषणा

21 अक्टूबर को, विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि दोनों क्षेत्रों में गश्त व्यवस्था को लेकर "भारत और चीन के बीच अंतिम चरण के विघटन पर सहमति बन गई है" और सेनाएं 2020 में गतिरोध से पहले की स्थिति में लौट आएंगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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