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पाकिस्तान ने हमसे हमला रोकने की गुजारिश की...भारतीय सेना के अधिकारी बोले- मेरा मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं

India Pakistan military conflict: राजीव घई ने अपने बयान में मशहूर शायर की लाइन का जिक्र करते हुए कहा कि मेरा मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं, मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए।

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पाकिस्तान ने हमसे हमला रोकने की गुजारिश की...भारतीय सेना के अधिकारी बोले- मेरा मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं

Indian Army Operation Sindoor: जयपुर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय सेना के तत्कालीन DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर कई अहम खुलासे किए। उन्होंने कहा कि भारतीय कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान की तरफ से हमले रोकने की अपील की गई थी। अधिकारी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बेहद योजनाबद्ध और सीमित सैन्य कार्रवाई थी, जिसमें भारतीय सेना ने सटीक निशाने साधे। उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारत का फोकस सिर्फ आतंकी ढांचे और रणनीतिक टारगेट्स पर था।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर सेना की तरफ से दिए जा रहे बयान अब उस कार्रवाई की रणनीति और प्रभाव को लेकर नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

'सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं'

राजीव घई ने अपने बयान में मशहूर शायर की लाइन का जिक्र करते हुए कहा, 'मेरा मकसद सिर्फ हंगामा खड़ा करना नहीं, मेरी कोशिश है कि यह सूरत बदलनी चाहिए। 'ऑपरेशन सिंदूर' कोई अंत नहीं था। यह तो बस एक शुरुआत थी। आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी रहेगी। एक साल बाद, हम न सिर्फ उस ऑपरेशन को याद करते हैं, बल्कि उसके पीछे के सिद्धांत को भी याद करते हैं। भारत अपनी संप्रभुता, अपनी सुरक्षा और अपने लोगों की रक्षा पूरी दृढ़ता, पेशेवर तरीके और पूरी जिम्मेदारी के साथ करेगा।' उन्होंने संकेत दिया कि भारत की कार्रवाई केवल जवाब देने के लिए नहीं, बल्कि आतंकवाद और सीमा पार हमलों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने के लिए थी।

भारतीय सेना ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है और यह मिशन तो बस एक शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के सैन्य अभियानों के प्रमुखों ने जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

इस अभियान को सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को दंडित करने के वास्ते पिछली आधी सदी में भारत का सबसे व्यापक सैन्य अभियान बताया गया। राजीव घई ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं था, यह तो बस एक शुरुआत है।' घई ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा निर्णायक, पेशेवर और अत्यंत जिम्मेदारी के साथ करेगा। घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी पनाहगाह सुरक्षित नहीं है।

तत्कालीन एयर ऑपरेशन्स महानिदेशक एयर मार्शल ए. के. भारती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने वायु शक्ति की अहमियत को फिर से स्थापित किया।

ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू हुआ?

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत ने पिछले वर्ष सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे।

इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया था। पाकिस्तान ने जवाबी हमले किए। हालांकि, भारतीय सेना ने उनमें से अधिकांश को विफल कर दिया। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हॉटलाइन पर बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर सहमति बनी, जिसके साथ ही संघर्ष विराम लागू हुआ।

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Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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