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इंडियन एयरफोर्स को मिलने वाले ये 97 नए फाइटर जेट मचाएंगे तबाही, इस नए हथियार के जुड़ने से थरथर कांपेगा दुश्मन

Tejas Mk-1A बेड़े के लिए मेटर (Meteor) BVRAAM को एकीकृत करने की योजना बनाई गई है। यह कदम 97 नए Tejas Mk-1A के साथ देश की हवाई मारक क्षमता को काफी बढ़ाएगा।

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तेजस Mk1A को मिलेगी दुनिया की सबसे लंबी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल। प्रतीकात्मक फोटो (Freepik)

Indian Air Force: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारतीय वायुसेना के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कंपनी 97 नए Tejas Mk-1A लड़ाकू विमानों को उन्नत Meteor BVRAAM (Beyond Visual Range Air-to-Air Missile) से लैस करेगी। Meteor एक लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल है, जो दुश्मन के विमानों को दूर से ट्रैक कर नष्ट करने की क्षमता रखती है। इसके जुड़ने से Tejas Mk-1A की हवा से हवा में लड़ने की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

सरकार ने हाल ही में 97 Tejas Mk-1A विमानों की खरीद को मंज़ूरी दी थी, जिसे ‘Make in India’ कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। Meteor मिसाइल का एकीकरण खासकर दूसरी खेप के विमानों में लागू होने की संभावना है। यह कदम भारतीय वायुसेना को न केवल सीमाओं पर त्वरित और लंबी दूरी की प्रतिक्रिया क्षमता देगा, बल्कि क्षेत्र में भारत की हवाई बढ़त को और भी मजबूत बनाएगा।

नए Tejas Mk-1A में वृद्धि

• सरकार ने 97 Tejas Mk-1A खरीद की मंजूरी दी है। यह 'Make in India' के तहत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

• Meteor एक लंबी-रेंज सक्रिय होमिंग BVRAAM है, विरोधी विमानों को दूर से ट्रैक व नष्ट करने की क्षमता देता है। इससे Tejas की हवा में पकड़ और बढ़ेगी।

• HAL द्वारा Meteor का एकीकरण मुख्य रूप से दूसरी बैच (दोबारा उत्पादन/आवधिक) के Tejas Mk-1A में लागू किए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

• इस पहल से IAF के ओवरऑल एयर-डोमिनेंस, अखन (engagement) रेंज और मिसाइल प्रभावशीलता में सुधार होने का अनुमान है। साथ ही विदेशी टेक्नोलॉजी के साथ स्थानीय उत्पादन का संतुलन भी बनेगा।

क्या है Meteor मिसाइल

Meteor एक अगली पीढ़ी का Beyond Visual Range Air-to-Air Missile (BVRAAM) है जिसे MBDA ने विकसित किया है। यह लगभग 3.65–3.7 मीटर लंबा और 190 किलोग्राम वजनी है तथा थ्रोटलबल डक्टेड रॉकेट (ramjet) इंजन की वजह से उड़ान भरते हुए भी इंजन थ्रस्ट को नियंत्रित कर सकता है, जिससे लंबी दूरी पर तेज और मैन्यूवरेबल लक्ष्य पर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिलती है।

Meteor की रेंज

Meteor की परिभाषित ऑपरेशनल रेंज 100+ किमी बताई जाती है और कई स्रोतों के अनुसार इसका प्रभावी 'no-escape' जोन 60 किमी से अधिक तक माना जाता है। यह मिसाइल Mach 4 से ऊपर की गति तक पहुंचती है। मार्गदर्शन में इनर्शियल-मिड-कोर्स अपडेट (डेटालिंक) और टर्मिनल फेज के लिए सक्रिय रेडार-होमिंग सीकर शामिल है, जिससे यह तेज, मोड़खाने वाले और इलेक्ट्रॉनिक जामिंग के माहौल में भी प्रभावी लक्ष्यनियमन कर सकती है। Meteor मल्टी-शॉट क्षमता रखती है, यानी एक ही बार में कई लक्ष्यों के खिलाफ कई मिसाइलों का उपयोग संभव है और यह छोटे UAVs व क्रूज मिसाइलों के खिलाफ भी उपयोगी है।

Tejas Mk-1A में Meteor के जुड़ने से पायलटों को दुश्मन विमानों को दूर से बाधित करने और संवहन-क्षेत्र पर दबदबा कायम करने का बेहतर अवसर मिलेगा; इसे Astra जैसे घरेलू हथियारों के साथ मिश्रित करने से IAF की बहु-स्तरीय हवाई रक्षा और एंगेजमेंट रेंज काफी मजबूत होगी।

Shivani Mishra
Shivani Mishraauthor

Covering stories of public interest in crime and politics now. Entertainment enthusiast over five years. Reporting across Maharashtra.

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