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जंतर-मंतर नहीं दिल्ली में सिर्फ अब इन 3 जगहों पर कर सकते हैं प्रदर्शन, जारी हो गई लिस्ट

दिल्ली में अब जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। जंतर-मंतर को प्रदर्शन और धरने के लिए आधिकारिक रूप से निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया है।

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जंतर-मंतर पर अब धरना करने पर लगा बैन (फाइल फोटो- PTI)

राजधानी दिल्ली में चल रहे गहमागहमी के बीच दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए जंतर-मंतर (Jantar Mantar) को प्रदर्शन और धरने के लिए आधिकारिक रूप से निर्धारित स्थल (Designated Protest Site) की सूची से हटा दिया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा 11 अक्टूबर 2026 को जारी नए स्टैंडिंग ऑर्डर के अनुसार, अब जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।

दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तीन स्थान तय

जंतर-मंतर के स्थान पर पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों के लिए तीन नए वैकल्पिक स्थान तय किए हैं:

  1. रामलीला मैदान (Ramlila Maidan)
  2. बुराड़ी ग्राउंड (Burari Ground)
  3. पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी ग्राउंड (CBD Ground, East Delhi)

समीक्षा करने के लिए समिति हुई थी गठित

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

अलग से जारी होगी SOP

पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पिछले स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के तौर पर जारी किया गया है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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