Indian Air Force भारतीय वायुसेना लगातार अपनी शक्ति में वृद्धि कर रही है। मिसाइल से लेकर फाइटर जेट तक पर इस समय तेजी से काम चल रहा है। इसी क्रम में वायुसेना ने 100 और लड़ाकू विमानों को खरीदने का फैसला किया है, जो मिग 21 की जगह लेगा।
स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान की होगी खरीदारी
भारतीय वायु सेना अपनी लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान एमके-1ए के खरीदने की तैयारी कर रही है। ANI के अनुसार भारतीय वायुसेना की विश्वास स्वदेशी लड़ाकू विमानों पर बढ़ रहा है। इस सौदे के लिए रक्षा मंत्रालय को प्रपोजल भी जा चुका है। दो साल पहले ही 83 ऐसे लड़ाकू विमानों के लिए ₹48,000 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा
नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि 90 से 100 और एलसीए एमके-1 फाइटर जेट के लिए फॉलो-ऑन ऑर्डर देने का प्रस्ताव ड्राइंग बोर्ड पर है। यदि आदेश अमल में आता है, तो इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। आईएएफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने अगले साल की शुरुआत में एमके-1ए वेरिएंट की डिलीवरी से पहले मंगलवार को एलसीए कार्यक्रम की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान, उन्होंने एलसीए को अपने विमान बेड़े के स्वदेशीकरण की दिशा में भारतीय वायुसेना के प्रयासों का ध्वजवाहक बताया।
कब मिलगा पहला विमान
पहला एमके-1ए विमान फरवरी 2024 में एयरफोर्स को मिलेगा। बाकी विमान 2029 तक भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े में शामिल हो जाएंगे। एलसीए एमके-1ए विमान को आगे के ठिकानों पर तैनात किए जाने की उम्मीद है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
एमके-1ए डिजिटल रडार चेतावनी रिसीवर, बाहरी आत्म-सुरक्षा जैमर पॉड, बेहतर रडार, उन्नत दृश्य-सीमा (बीवीआर) मिसाइलों और महत्वपूर्ण रूप से बेहतर रखरखाव के साथ आएगा। इस फाइटर जेट में 60% से अधिक उपकरण स्वदेशी होंगे।
