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WEF-2025 में भारत का जल और स्वच्छता मॉडल बना वैश्विक प्रेरणा का स्रोत; केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने दी जानकारी

World Economic Forum: 25 जनवरी को सी.आर. पाटिल ने विश्व आर्थिक मंच में भारत की जल और स्वच्छता से जुड़ी सफलता की कहानियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत, दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रमों को लागू कर रहा है, जिनमें ग्रामीण घरों तक पीने का पानी पहुंचाना, ग्रामीण स्वच्छता और नदियों का पुनर्जीवन शामिल है।

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भारत का जल और स्वच्छता मॉडल बना वैश्विक प्रेरणा का स्रोत: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

World Economic Forum: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भारत के जल सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े परिवर्तनकारी प्रयासों को प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जल और स्वच्छता से जुड़े वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को दावोस में प्रमुखता से प्रदर्शित किया। 25 जनवरी को सी.आर. पाटिल ने विश्व आर्थिक मंच में भारत की जल और स्वच्छता से जुड़ी सफलता की कहानियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत, दुनिया के सबसे बड़े कार्यक्रमों को लागू कर रहा है, जिनमें ग्रामीण घरों तक पीने का पानी पहुंचाना, ग्रामीण स्वच्छता और नदियों का पुनर्जीवन शामिल है।

15 करोड़ ग्रामीण घरों तक पहुंचाया गया स्वच्छ पानी

केंद्रीय जल शक्ति ने जल जीवन मिशन की उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिसके तहत 15 करोड़ ग्रामीण घरों तक नल के माध्यम से स्वच्छ पानी पहुंचाया गया है। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन की भी चर्चा की, जिसके तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और सम्मान में सुधार हुआ है। साथ ही, उन्होंने नमामि गंगे मिशन के बारे में बताया, जो नदियों के पुनर्जीवन और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक वैश्विक उदाहरण बन गया है। पाटिल ने इस बात पर जोर दिया कि जल शक्ति मंत्रालय का गठन करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए एक समेकित दृष्टिकोण अपनाया है। यह दृष्टिकोण जल और स्वच्छता के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों को उजागर करता है। इन कार्यक्रमों ने करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है, जलजनित बीमारियों को कम किया है, और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया है, जो अन्य देशों के लिए एक मानक स्थापित करता है। दावोस में भारत की इन उपलब्धियों को व्यापक सराहना मिली। जल और स्वच्छता से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया। पाटिल ने वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत के तहत भारत की वैश्विक साझेदारी और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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