PM Narendra Modi on 5G Services: दिल्ली के प्रगति मैदान में एक अक्टूबर को इंडियन मोबाइल कांग्रेस में वह बोले- भारत 2जी, 3जी, 4जी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था लेकिन 5जी के साथ देश इतिहास बना रहा है। भारत ने डिजिटल पहुंच को गति देने के लिए उपकरणों की लागत और डेटा शुल्क पर ध्यान केंद्रित किया। भारत में वर्ष 2014 में मोबाइल फोन विनिर्माण के सिर्फ दो संयंत्र थे, लेकिन अब देश में 200 से भी ज्यादा मोबाइल फोन संयंत्र मौजूद हैं।
पीएम ने आगे भारत में डेटा को दुनिया भर में बेहद किफायती बताते हुए कहा, एक जीबी डेटा का शुल्क 300 रुपये से घटकर अब 10 रुपये पर आ चुका है। वह बोले- हमने चार स्तंभ पर, चार दिशाओं में एक साथ फोकस किया। पहला, डिवाइस की कीमत। दूसरा, डिजिटल कनेक्टिविटी। तीसरा, डेटा की कीमत। चौथा, और सबसे जरूरी, ‘डिजिटल फर्स्ट’ की सोच है।
बकौल पीएम मोदी, "सरकार ने खुद आगे बढ़कर डिजिटल भुगतान का रास्ता आसान बनाया। सरकार ने खुद ऐप के जरिए नागरिक केंद्रित वितरण सेवा को बढ़ावा दिया। बात चाहे किसानों की हो, या छोटे दुकानदारों की, हमने उन्हें ऐप के जरिए रोज की जरूरतें पूरी करने का रास्ता दिया।"
उनके अनुसार, आज टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति जो देश देख रहा है वो इस बात का सबूत है कि अगर सरकार सही नीयत से काम करे तो नागरिकों की नीयत बदलने में देर नहीं लगती है। 2G की नीयत और 5G की नीयत में यही फर्क है।
देश में 5जी टेलीफोनी सेवाएं चालू होने के साथ ही मोबाइल फोन पर अल्ट्रा हाई स्पीड इंटरनेट के युग का आगाज हो गया। पीएम ने चुनिंदा शहरों में 5जी सेवाएं शुरू की हैं। ये सेवाएं अगले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे देशभर में उपलब्ध करा दी जाएंगी। अल्ट्रा हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने में सक्षम पांचवीं पीढ़ी या 5जी सेवा से नए आर्थिक अवसर और सामाजिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
