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भारत-अमेरिका ने मिलकर ट्रेड डील का फ्रेमवर्क किया जारी, जानें कौन क्या बेचेगा और क्या खरीदेगा

India US Trade Agreement: भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते पर फ्रेमवर्क जारी किया। दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा,"संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।"

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भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर साझा फ्रेमवर्क जारी।

Photo : AP

India US Trade Agreement: भारत और अमेरिका (US) ने शुक्रवार को द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement) की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाते हुए अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) की रूपरेखा जारी कर दी है। यह घोषणा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को गहरा और अधिक संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच कई महीनों तक हुई बातचीत के बाद यह फ्रेमवर्क जारी किया गया।

इस फ्रेमवर्क के तहत भारत और अमेरिका दोनों व्यापार बाधाओं और शुल्कों (tariffs) को कम करने के लिए सहमत हुए हैं, ताकि दोनों देशों के निर्यातकों को लाभ मिले और द्विपक्षीय व्यापार में नई गति आए।

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा,"संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।' दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।"

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी करते हुए 'X' पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Agreement) के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है।

इससे भारतीय निर्यातकों- विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे. निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।'

क्या है इस अंतरिम समझौते में?

टैरिफ कटौती पर सहमति:

अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लागू शुल्क को घटाकर लगभग 18% करने का निर्णय लिया है, जिससे भारत के टेक्सटाइल, चमड़ा, रसायन, मशीनरी और अन्य प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को फायदा होगा। इसी के साथ भारत भी अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर शुल्क या तो हटाएगा या कम करेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों से जुड़े शुल्क:

कुछ भारतीय विमान और विमान पुर्जों पर लगाए गए सुरक्षा-आधारित शुल्क हटाने पर भी सहमति बनी है, जबकि भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्राथमिकता टैरिफ-रेट कोटा दिया जाएगा।

व्यापार बाधाएं और डिजिटल ट्रेड:

दोनों पक्ष नॉन-टैरिफ बाधाओं (non-tariff barriers) और डिजिटल ट्रेड नियमों पर भी बातचीत आगे बढ़ाएंगे ताकि व्यापार को और सरल बनाया जा सके।

महत्वपूर्ण व्यापार निवेश:

अगले 5 वर्षों में भारत की ओर से अमेरिका से ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी सामान और कोकिंग कोल जैसे उत्पादों में लगभग 500 अरब डॉलर का व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

दोनों देश क्या खरीदेंगे, क्या बेचेंगे?

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा," प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का रूपरेखा समझौता तैयार हो गया है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलने की संभावना है, खासकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए।"

गोयल ने कहा कि इस समझौते के तहत अमेरिकी पक्ष भारतीय उत्पादों पर प्रतिकूल शुल्क 18% तक घटाएगा, जिससे कपड़ा और परिधान, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, जेनेरिक फार्मास्युटिकल्स, हीरे और रत्न, विमान के पुर्ज़े जैसे उत्पादों पर शुल्क शून्य कर दिया जाएगा।

मंत्री ने यह भी कहा कि इस समझौते से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी और यह मेक इन इंडिया पहल को भी मजबूती देगा। समझौते की औपचारिक घोषणा मार्च 2026 के मध्य तक होने की संभावना है। इस पहल से भारत–अमेरिका व्यापारिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है।

किन वस्तुओं पर अमेरिका लगाएगा रेसिप्रोकल टैरिफ?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटाएगा या कम करेगा, जिसमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब एवं अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं. अमेरिका भी वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी जैसी भारतीय वस्तुओं पर 25% की जगह 18% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा।

इसके अलावा, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है, जबकि भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा।

ट्रंप ने हटाया दंडात्मक टैरिफ

ट्रंप ने कहा कि भारत अब अमेरिका से तेल खरीदना शुरू करेगा और संभवतः वेनेजुएला से भी। ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक टैरिफ पूरी तरह हटा दिया गया। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि दोनों पक्ष मार्च तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रख रहे हैं, जिसके बाद भारत अमेरिका से आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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