मिसाइल, ड्रोन-फाइटर जेट जैसे हवाई खतरों से महफूज रहेगा दिल्ली-NCR,स्वदेशी 'रक्षा कवच' तैनात करने जा रही सरकार

India to deploy indigehous IADWS for Delhi-NCR: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को हवाई खतरों से बचाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। दिल्ली-एनसीआर की सुरक्षा के लिए सरकार स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली तैनात करने की दिशा में आगे बढ़ने जा रही है। यह प्रणाली लगने के बाद मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट जैसे हवाई खतरों से दिल्ली-एनसीआर का इलाका महफूज रहेगा। समाचार एजेंसी एएनआई ने रक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली बहुस्तरीय होगी। (तस्वीर-ANI)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Dec 10 2025, 12:35 IST
अभेद 'रक्षा कवच' तैनात करने की तैयारीImage Credit : Twitter01 / 06

अभेद 'रक्षा कवच' तैनात करने की तैयारी

इसमें क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम, वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम के साथ-साथ अन्य सुरक्षा उपकरण लगे होंगे, ये सभी मिलकर दिल्ली-एनसीआर के लिए एक अभेद 'रक्षा कवच' तैयार करेंगे। (तस्वीर-PTI)

पाक ने दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की थीImage Credit : Twitter02 / 06

पाक ने दिल्ली को निशाना बनाने की कोशिश की थी

बीते मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने दिल्ली को निशाना बनाने की असफल कोशिश की। इसे देखते हुए रक्षा मंत्रालय इस सुरक्षा परियोजना को आगे बढ़ा रहा है। योजना दिल्ली-एनसीआर को स्वेदशी वायु रक्षा एवं हथियार प्रणाली से लैस करने की है। (तस्वीर-PTI)

​दिल्ली-NCR के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की होगी सुरक्षाImage Credit : Twitter03 / 06

​दिल्ली-NCR के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की होगी सुरक्षा

स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली IADWS दिल्ली एवं एनसीआर में सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करेगी। इस प्रणाली को भारतीय वायु सेना ऑपरेट करेगी। साथ ही इस प्रणाली की नेटवर्किंग और कमांड एवं कंट्रोल पर काम करने वाली उत्पादन एजेंसियों के साथ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तालमेल बिठाएगा। सूत्रों ने कहा कि 'इस तरह की जटिल वायु रक्षा प्रणाली के लिए सिस्टम की जरूरत है।'

अमेरिका से NASAMS-II लेना चाहता था भारतImage Credit : Twitter04 / 06

अमेरिका से NASAMS-II लेना चाहता था भारत

साथ ही यह योजना स्वदेशी रक्षा उत्पादन को एक बड़ा मजबूती प्रदान करेगी। बता दें कि इसके पहले सरकार ने यूएस निर्मित नेशनल एडवांस्ड सर्फेस टू एयर मिसाइल सिस्टम-II (NASAMS-II) तैनात करने की योजना तैयार की थी। (तस्वीर-X/@DefenceForum)

​वाशिंगटन डीसी, व्हाइट हाउस की सुरक्षा करता है NASAMS-IIImage Credit : Twitter05 / 06

​वाशिंगटन डीसी, व्हाइट हाउस की सुरक्षा करता है NASAMS-II

खास बात यह है कि यह सिस्टम वाशिंगटन डीसी और व्हाइट हाउस की सुरक्षा प्रदान करता है। सूत्रों का कहना है कि इस वायु रक्षा प्रणाली को खरीदने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई थी लेकिन इस डील पर सरकार आगे नहीं बढ़ी। बताया जाता है कि इस वायु रक्षा प्रणाली के लिए अमेरिका की तरफ से बहुत ज्यादा कीमत की मांग की जा रही थी।

DRDO ने विकसित की हैं कई वायु रक्षा प्रणालियांImage Credit : Twitter06 / 06

DRDO ने विकसित की हैं कई वायु रक्षा प्रणालियां

हाल के वर्षों में डीआरडीओ ने क्यूआरएसएएम, मीडियम रेंज SAM जैसे कई वायु सुरक्षा प्रणालियां विकसित की हैं और वह प्रोजेक्ट कुशा के तहत लंबी दूरी वाले SAM पर काम कर रहा है। इसके अलावा रूस से अभी S-400 सुदर्शन चक्र की दो स्क्वॉड्रन मिलने हैं। भारत इसे जल्द हासिल करने के लिए मास्को से बातचीत कर रहा है। यही नहीं S-500 वायु रक्षा प्रणाली और S-400 के अन्य स्क्वॉड्रन बेचने के रूसी प्रस्ताव पर भी भारत गौर कर रहा है।

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