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सेना की बढ़ेगी ताकत, भारत ने किया बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल प्रक्षेपण

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 1, 2023, 09:08 PM IST

Ballistic Missile Agni-1: रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए. भारत भूषण बाबू ने बताया, बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 उच्च स्तर के लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है। उन्होंने बताया, प्रशिक्षण लॉन्च ने मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक सत्यापित किया

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India launch Ballistic Missile Agni-1

Photo : BCCL

Ballistic Missile Agni-1: भारतीय सेना ने अपनी ताकत में एक बार फिर से इजाफा किया है। जानकारी के मुताबिक, भारत ने गुरुवार को ओडिशा के एपीजे अब्दुल कलाम तट पर मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल, अग्नि-1 का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए. भारत भूषण बाबू ने बताया, बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 उच्च स्तर के लक्ष्य को सटीकता से भेदने में सक्षम है। उन्होंने बताया, प्रशिक्षण लॉन्च ने मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बता दें, इससे पहले भारत ने कम दूरी की की बैलिस्टिक मिसाइल, पृथ्वी-II का एक सफल प्रशिक्षण 10 जनवरी, 2023 को किया था। यह प्रक्षेपण भी ओडिशा के तट पर चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया था।। पृथ्वी-II मिसाइल एक अति कुशल प्रणाली है, जो भारत के परमाणु प्रतिरोध का एक अभिन्न अंग रही है। मिसाइल ने पूरी सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेदा था। इस प्रशिक्षण लॉन्च के जरिये मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मापदंडों की सफलतापूर्वक पुष्टी की गई थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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